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उत्तर प्रदेश के विभाजन पर ओम प्रकाश राजभर का बड़ा बयान

उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक बदलावों के बीच, ओम प्रकाश राजभर ने एक रैली में दावा किया है कि राज्य को चार हिस्सों में बांटने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि पूर्वांचल राज्य का गठन होता है, तो राजभर समाज का कोई सदस्य मुख्यमंत्री बनेगा। इसके साथ ही, उन्होंने OBC आरक्षण में हिस्सेदारी की मांग की है। जानें इस बयान के पीछे की राजनीति और इसके संभावित प्रभाव के बारे में।
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उत्तर प्रदेश का विभाजन: ओम प्रकाश राजभर का दावा


उत्तर प्रदेश का विभाजन: रविवार को देवरिया के सोनूघाट में जनता इंटर कॉलेज में सुभासपा द्वारा सामाजिक समरसता महारैली का आयोजन किया गया। इस मंच से ओम प्रकाश राजभर ने भविष्यवाणी की कि उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बांटा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पूर्वांचल राज्य का गठन होता है, तो वहां राजभर समाज का कोई सदस्य मुख्यमंत्री बनेगा।


राजभर ने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और समाज के बीच सक्रिय रहने की अपील की। इसके साथ ही, उन्होंने OBC आरक्षण में हिस्सेदारी की मांग की, यह कहते हुए कि सभी पिछड़ी जातियों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।


उनका यह भी कहना था कि राजभर समाज को भी जनसंख्या के आधार पर आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। सुभासपा के अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने लखनऊ में पंचायतों के माध्यम से इस मुद्दे को उठाया है और इसे प्रधानमंत्री के समक्ष भी रखा है। जातिवार जनगणना के महत्व पर भी उन्होंने जोर दिया, जिससे वंचित वर्गों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




रैली के दौरान ओम प्रकाश राजभर ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लगभग 60 वर्षों तक शासन किया, जबकि सपा और बसपा भी कई बार सत्ता में रही हैं, लेकिन पिछड़े समाज को इससे क्या लाभ मिला? उन्होंने अपने समर्थकों से इन दलों के बहकावे में नहीं आने की सलाह दी और कहा कि उनकी पार्टी पिछले 10 वर्षों से सरकार के साथ है।


उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बांटने का विचार नया नहीं है। 2011 में मायावती सरकार के दौरान इस प्रस्ताव को विधानसभा से पारित किया गया था, लेकिन यह केंद्र सरकार के पास भेजे जाने के बाद भी लागू नहीं हुआ। अब, 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले, राजभर का यह बयान एक बार फिर से इस मुद्दे को राजनीतिक चर्चा में ला रहा है।