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उत्तर प्रदेश में भाजपा की सहयोगी पार्टियों की राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़

बिहार भाजपा की सहयोगी पार्टियाँ, जनता दल यू और लोक जनशक्ति पार्टी, उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़ कर रही हैं। जदयू के निशांत कुमार ने वाराणसी में कार्यकर्ताओं से संवाद किया, जबकि चिराग पासवान ने सभा में भाजपा को गठबंधन में शामिल होने की शर्त रखी। जानें इन पार्टियों की चुनावी रणनीतियाँ और संभावित सीटों के बारे में।
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राजनीतिक गतिविधियाँ


बिहार में भाजपा की सहयोगी पार्टियाँ, जनता दल यू और लोक जनशक्ति पार्टी, उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक गतिविधियाँ बढ़ा रही हैं। जदयू के नेता नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने वाराणसी में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की, जबकि लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एक सभा का आयोजन किया। चिराग ने स्पष्ट किया कि यदि भाजपा उनकी पार्टी को गठबंधन में शामिल कर सीटें देती है, तो यह ठीक है, अन्यथा उनकी पार्टी सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।


सूत्रों के अनुसार, चिराग पासवान झारखंड और दिल्ली की तरह एक या दो सीटें हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। 2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा ने लोजपा को एक सीट दी थी, जिसे उन्होंने जीत लिया था। वहीं, दिल्ली में भी उन्हें एक सीट मिली थी, लेकिन वह जीत नहीं पाई। चिराग यूपी में भी एक या दो सीटें चाहते हैं। भाजपा को गैर जाटव दलित वोट के लिए एक चेहरे की आवश्यकता है।


यह ध्यान देने योग्य है कि जदयू को भी झारखंड और दिल्ली में एक-एक सीट मिली थी, जिसमें झारखंड की सीट उन्होंने जीती, लेकिन दिल्ली में हार गए। कहा जा रहा है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश, विशेषकर वाराणसी और मिर्जापुर के क्षेत्रों में, यदि जदयू को एक या दो सीटें दी जाती हैं और निशांत को प्रचार के लिए बुलाया जाता है, तो भाजपा को इसका लाभ हो सकता है। एमएलसी चुनाव में लखनऊ सीट पर सपा की कुर्मी उम्मीदवार की जीत ने भाजपा की चिंताओं को बढ़ा दिया है।