उद्धव ठाकरे ने मोदी पर साधा निशाना, युवाओं की अनदेखी का आरोप
उद्धव ठाकरे का प्रधानमंत्री पर हमला
शिवसेना (उबाठा) के नेता उद्धव ठाकरे ने शनिवार को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल सांसदों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संवाद को लेकर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री केवल “गद्दारों” से मिलने का समय निकालते हैं, जबकि विरोध कर रहे युवाओं को नजरअंदाज करते हैं।
मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सांसदों के साथ नाश्ते पर बैठक की। इसके बाद, शिंदे और उनके छह नए सांसदों ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की।
उद्धव ने मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल उठाया कि क्या मोदी और शिवसेना (उबाठा) छोड़ने वाले सांसदों के बीच हुई मुलाकात उच्चतम न्यायालय को “डराने” का प्रयास थी।
उन्होंने कहा कि यह मुलाकात उस समय हुई है जब शीर्ष अदालत में शिवसेना (उबाठा) की याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है, जिसमें शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को “असली शिवसेना” का दर्जा देने के निर्वाचन आयोग के निर्णय को चुनौती दी गई है। उद्धव ने विश्वास व्यक्त किया कि सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय संविधान के अनुसार होगा।
उद्धव ने कहा, “प्रधानमंत्री के पास युवाओं से मिलने का समय नहीं है, लेकिन वे गद्दारों से मिलते हैं। क्या आप उच्चतम न्यायालय को डराने की कोशिश कर रहे हैं?”
प्रधानमंत्री और सांसदों के बीच मुलाकात का जिक्र करते हुए उद्धव ने पूछा कि जब मामला शीर्ष अदालत में विचाराधीन है, तो “गद्दारों” के साथ बातचीत का क्या औचित्य है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा शीर्ष अदालत में उठाया जाएगा।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की याचिका में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के उस निर्णय को चुनौती दी गई है, जिसमें छह सांसदों के शिंदे नीत शिवसेना में शामिल होने को मान्यता दी गई थी।
उद्धव ने सवाल किया, “क्या प्रधानमंत्री न्यायपालिका को, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को या महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को धमका रहे हैं?” उन्होंने देश की मौजूदा स्थिति को “तूफान से पहले की शांति” बताया और कहा कि ‘जेन जेड’ के विरोध-प्रदर्शनों ने सरकार को हिलाकर रख दिया है।
उद्धव ने कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संसद चलो मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा, “दुनिया इस बात पर चर्चा कर रही है कि कैसे ‘जेन जेड’ ने सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। इस पीढ़ी का समर्थन करने के बजाय कुछ प्रदर्शनकारियों के साथ बेरहमी से मारपीट की गई।”
उन्होंने कहा कि अब सरकार को बदलने का समय आ गया है।
उद्धव ने तंज करते हुए कहा कि भले ही कोविड-19 महामारी के दौरान ‘फेसबुक लाइव’ सत्र करने के लिए उनकी आलोचना हुई हो, लेकिन हालात इतने खराब हैं कि प्रधानमंत्री मोदी इंस्टाग्राम के जरिए सरकार चला रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया, “प्रधानमंत्री देश के भविष्य से मिलना नहीं चाहते।”
‘जेन जेड’ के साथ बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संवाद का जिक्र करते हुए उद्धव ने कहा कि युवा आरएसएस प्रमुख की बात सुनने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार को विरोध कर रहे छात्रों के साथ बातचीत करनी चाहिए।
झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने कथित प्रश्नपत्र लीक को लेकर प्रदर्शनकारी गुट के साथ बातचीत की। हालांकि, इससे गतिरोध खत्म नहीं हो सका, क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने अपनी सभी मांगें माने जाने तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया।
