एनएचआरसी ने लखनऊ कोचिंग सेंटर आग की घटना पर कार्रवाई की
एनएचआरसी का संज्ञान
नई दिल्ली: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने लखनऊ के अलीगंज में 22 जून को हुई भीषण आग की घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन और पुलिस कमिश्नर से स्पष्टीकरण मांगा है।
जिला प्रशासन को नोटिस
आयोग ने लखनऊ के जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ (एटीआर) प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि आग लगने वाली बहुमंजिला इमारत में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे और भवन निर्माण से संबंधित नियमों का उल्लंघन किया गया था।
हादसे में हुई मौतें
इस दर्दनाक घटना में 15 लोगों की जान चली गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। शिकायतकर्ता ने एनएचआरसी से निष्पक्ष जांच कराने, लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने, पीड़ितों को उचित मुआवजा दिलाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच
शिकायत में यह भी कहा गया है कि आयोग अग्नि सुरक्षा मानकों, आपातकालीन निकासी व्यवस्था, छात्रों की सुरक्षा, आपदा प्रबंधन की तैयारियों और संबंधित सरकारी अधिकारियों की भूमिका की जांच कराए। इसके साथ ही, सभी घायलों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश देने की मांग भी की गई है।
सरकार की जांच समिति
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है, जिसमें अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और अपर पुलिस महानिदेशक (लखनऊ जोन) प्रवीण कुमार शामिल हैं। टीम ने 23 जून को घटनास्थल का निरीक्षण कर आग लगने के कारणों और संभावित लापरवाही की जांच शुरू कर दी है।
