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एनसीपी का भाजपा के सामने समर्पण, महिला आरक्षण पर चर्चा तेज

एनसीपी ने भाजपा के सामने समर्पण कर दिया है, जिससे महिला आरक्षण पर चर्चा तेज हो गई है। शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने कहा है कि यदि सरकार हर राज्य में 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाने का आश्वासन देती है, तो उनकी पार्टी समर्थन देने को तैयार है। यह स्थिति अन्य राजनीतिक दलों के रुख को प्रभावित कर सकती है। जानें इस मुद्दे पर आगे क्या हो सकता है और भाजपा की रणनीति क्या है।
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एनसीपी का नया मोड़


एनसीपी ने हाल ही में भाजपा के सामने समर्पण कर दिया है। पार्टी के नेता शरद पवार ने अपनी बेटी और बारामती की सांसद सुप्रिया सुले के माध्यम से यह संकेत दिया है कि यदि सरकार हर राज्य में 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाने का आश्वासन देती है, तो उनकी पार्टी समर्थन देने के लिए तैयार है। यह स्पष्ट है कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की योजना कहीं और से तैयार की गई थी। अप्रैल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि वे नारी शक्ति वंदन कानून में संशोधन के दौरान 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव पेश करेंगे। इसका मतलब यह है कि सरकार इस दिशा में पहले से ही तैयार है।


अब यह देखना है कि क्या अन्य राजनीतिक दल भी इस प्रस्ताव का समर्थन करेंगे। पिछली बार विपक्ष ने मिलकर सरकार के बिल को असफल कर दिया था। उस समय सरकार को 352 वोटों की आवश्यकता थी, लेकिन उन्हें केवल 298 वोट मिले थे। वर्तमान में, एनडीए के पास समर्थक सांसदों की संख्या 320 हो गई है, जिसमें एनसीपी के आठ सांसद भी शामिल हैं।


सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के बीच एक बैठक हुई थी, जिसमें संसद के मानसून सत्र में संविधान संशोधन के सभी बिलों को पास कराने की रणनीति पर चर्चा की गई। भाजपा के नेताओं का मानना है कि कांग्रेस को छोड़कर अधिकांश पार्टियां पहले से ही सीटें बढ़ाने और महिला आरक्षण के बिल को पास कराने के लिए तैयार थीं। हालांकि, अंतिम समय में कुछ दलों ने विरोध करने का निर्णय लिया।


भाजपा का मानना है कि जनता का मूड परिसीमन और महिला आरक्षण के पक्ष में है। इसलिए, यह संभावना जताई जा रही है कि सुप्रिया सुले की तरह अन्य पार्टियां भी बिल का समर्थन करेंगी। अगले चुनाव में 800 से अधिक सीटें होंगी, जिनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।