कंगना रनौत ने Gen-Z पर अपने विवादास्पद बयान पर दी सफाई
कंगना रनौत का बयान
भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने Gen-Z के बारे में अपने विवादास्पद बयान पर स्पष्टीकरण दिया है। दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी सभी युवाओं के लिए नहीं थी। कंगना ने कहा कि उन्होंने केवल कुछ विशेष युवाओं और महिलाओं के संदर्भ में अपनी बात रखी थी।
'कॉकरोच' टिप्पणी पर कंगना का जवाब
कंगना ने अपने बयान का बचाव करते हुए कहा कि जो लोग खुद को 'कॉकरोच' मानते हैं, उनके लिए 'गटर' शब्द का उपयोग करने में उन्हें कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि वह खुद को कॉकरोच नहीं मानतीं और न ही यह स्वीकार करेंगी कि वह गटर में रहती हैं। उनका तर्क था कि यदि कोई व्यक्ति खुद को कॉकरोच कहता है, तो उसके गटर में रहने की बात स्वाभाविक रूप से जुड़ती है।
Gen-Z पर आरोपों का खंडन
कंगना ने उन आरोपों को खारिज किया कि उन्होंने पूरी युवा पीढ़ी को गटर से जोड़ा। उन्होंने कहा कि नशे, सट्टेबाजी, जुए और डार्क वेब जैसी समस्याओं पर बात करते समय युवाओं के एक विशेष वर्ग को संबोधित करना सभी युवाओं पर टिप्पणी करने के बराबर नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उन्होंने स्पष्ट रूप से कुछ लोगों का जिक्र किया था, तो इसे पूरी Gen-Z पर लागू क्यों किया जा रहा है।
नसीरुद्दीन शाह पर टिप्पणी
कंगना ने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह को 'लोमड़ी' कहने के अपने बयान का भी बचाव किया। उन्होंने छात्र प्रदर्शनों के संदर्भ में फिल्म इंडस्ट्री के रवैये पर सवाल उठाया। कंगना ने दावा किया कि उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में लोग जुटे थे और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी पड़ी थी।
बॉलीवुड और पाकिस्तान पर सवाल
कंगना ने बॉलीवुड के पाकिस्तान से रिश्तों पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने पूछा कि बॉलीवुड का पाकिस्तान के प्रति कथित आकर्षण कब खत्म होगा। उनका कहना था कि कुछ मुद्दों पर फिल्म इंडस्ट्री की प्रतिक्रिया चयनात्मक रही है।
राहुल गांधी पर कंगना का हमला
कंगना ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने संसद की कार्यवाही और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगने के तरीके पर सवाल उठाते हुए गांधी के व्यवहार को देश का मजाक बताया।
जनता की परवाह नहीं
कंगना ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार जनता का जनादेश मिला है और विपक्ष की ऐसी मांगों का कोई खास असर नहीं पड़ता।
