कविता महतो का सपना टूटा: होमगार्ड भर्ती में असफलता
कविता महतो की संघर्ष की कहानी
कविता महतो की कहानी: झारखंड के रामगढ़ में होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया के दौरान कविता महतो का सपना टूट गया। साड़ी पहनकर नंगे पांव दौड़ने वाली कविता ने 1600 मीटर की दौड़ में सफलता प्राप्त की, लेकिन लॉन्ग जंप और हाई जंप में असफल रहीं। उनका सपना एक पल में चूर-चूर हो गया। वायरल होने के बाद, लोगों ने उनके साहस की सराहना की थी।
कविता, जो दो बच्चों की मां हैं, अपने पति की मृत्यु के बाद परिवार की जिम्मेदारियों को संभाल रही हैं। उनके लिए होमगार्ड की नौकरी केवल एक रोजगार नहीं, बल्कि अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने का एक साधन भी थी। लेकिन भर्ती की शारीरिक परीक्षा में एक बाधा ने उनके सपने को अधूरा छोड़ दिया।
भर्ती से पहले, रामगढ़ के सिदो-कान्हू मैदान में आयोजित ट्रायल के दौरान, कविता ने साड़ी पहनकर नंगे पैर दौड़ना शुरू किया। उनके पास दौड़ने के लिए उचित जूते और खेल के कपड़े नहीं थे। इस दौरान उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और संघर्ष की कहानी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई।
वीडियो के वायरल होने के बाद, उन्हें कई लोगों से मदद मिली। डुमरी के विधायक जयराम महतो ने उनके लिए ट्रैकसूट और जूते भेजे, साथ ही उन्हें मुफ्त शारीरिक प्रशिक्षण की सुविधा भी मिली, ताकि वह भर्ती की तैयारी कर सकें।
कविता की कहानी यह दर्शाती है कि भर्ती में केवल दौड़ पूरी करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सभी निर्धारित शारीरिक परीक्षाओं को पास करना भी आवश्यक है। फिलहाल, हाई जंप में असफल होने के कारण उनका इस भर्ती में चयन नहीं हो सका है।
