कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का एंटी पेपर लीक बिल पर जोरदार हमला
खरगे का सरकार पर तीखा प्रहार
नई दिल्ली: एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार को कड़ी आलोचना का सामना कराया। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत एक शेर के उदाहरण से की, यह कहते हुए कि असली समस्या सजा नहीं, बल्कि प्रणाली है।
बिल की प्रभावशीलता पर सवाल
"बिल से कुछ फर्क नहीं पड़ेगा"
खरगे ने कहा, "पेपर चुराने वाले बचते रहे, मेहनत करने वाले पिटते रहे। ये कैसा न्याय है?" उन्होंने यह भी कहा कि नए बिल में केवल आंकड़ों में बदलाव किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सख्त सजा और विशेष टास्क फोर्स से समस्या का समाधान नहीं होगा।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस बिल का स्वागत करते हुए भी, यह अधूरा है। इसमें पेपर लीक रोकने के लिए ठोस उपाय नहीं हैं। उन्होंने कहा, "आपने केवल आंकड़े बदले हैं, इरादे नहीं। यह बिल समस्या का समाधान नहीं, बल्कि युवाओं को शांत करने के लिए लाया गया है।"
सरकार की राजनीति पर सवाल
"2024 में क्यों नहीं लाए, क्योंकि राजनीति करनी थी"
खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार ने इस कानून की मांग को नजरअंदाज किया और इसे चुनावी समय पर लाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा, "अगर यह पहले लाया जाता, तो क्रेडिट नहीं मिलता।"
उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के दबाव के कारण सरकार को झुकना पड़ा। "देशभर के छात्रों ने आवाज उठाई, और विपक्ष ने उनकी बात को संसद में रखा।"
छात्रों पर कार्रवाई का जिक्र
20 जुलाई के छात्र मार्च का जिक्र
खरगे ने 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च कर रहे छात्रों पर हुई कार्रवाई का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "हजारों छात्रों को संवाद की आवश्यकता थी, लेकिन उन्हें लाठीचार्ज और आंसू गैस का सामना करना पड़ा।"
उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार पहले बात करती, तो इतने छात्रों को लाठी नहीं खानी पड़ती। उन्होंने बीजेपी सरकार और प्रधानमंत्री पर सवाल उठाए।
सरकार को चेतावनी
सरकार को दी चेतावनी
खरगे ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने युवाओं की बात नहीं सुनी, तो छात्रों ने जो सबक सिखाया है, उससे दोगुना सबक फिर सिखाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कानून केवल कुर्सी बचाने के लिए लाया गया है, युवाओं की समस्याओं का समाधान नहीं।
