कांग्रेस और सपा का उत्तर प्रदेश चुनाव में गठबंधन की तैयारी
गठबंधन की चर्चा
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने इस बात पर सहमति जताई है कि वे मिलकर उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ेंगे। पिछले चुनाव में दोनों दल अलग-अलग लड़े थे, जिसके परिणामस्वरूप कांग्रेस केवल दो सीटों पर सिमट गई थी, जबकि सपा ने 47 से बढ़कर 111 सीटें जीती थीं। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में दोनों दलों के एकजुट होने से उन्हें लाभ हुआ, कांग्रेस की सीटें एक से बढ़कर छह हो गईं और सपा की 36 हो गईं।
इस गठबंधन की चर्चा तब शुरू हुई जब अखिलेश यादव ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से बातचीत की, जिसमें चुनावी गठबंधन का निर्णय लिया गया। इसके बाद राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के कांग्रेस सांसदों से मुलाकात की। प्रयागराज में छात्रों के कार्यक्रम में जाने से पहले, उन्होंने सांसदों से चर्चा की। सभी ने सहमति जताई कि कांग्रेस को सपा के साथ सीटों के बंटवारे पर जल्दी बातचीत शुरू करनी चाहिए।
हालांकि चुनाव में अभी छह महीने से अधिक का समय है, लेकिन यदि तालमेल पहले से हो जाता है, तो दोनों पार्टियों को अपने उम्मीदवारों की तैयारी के लिए अधिक समय मिलेगा। कांग्रेस सांसदों और अन्य नेताओं ने कहा कि सीटों का बंटवारा आसान नहीं होगा और इसमें समय लगेगा। कांग्रेस अधिक संख्या में सीटों की बजाय गुणवत्ता वाली सीटों की मांग कर रही है। सपा के प्रभाव वाले क्षेत्रों में भी कांग्रेस को सीटें चाहिए। 2017 के चुनाव में कांग्रेस को ज्यादातर ऐसी सीटें मिली थीं, जो गठबंधन के वोट से जीतने वाली नहीं थीं।
जहां तक सीटों की संख्या का सवाल है, कांग्रेस 100 सीटों की मांग कर रही है, जबकि अखिलेश यादव हर लोकसभा में एक सीट के फॉर्मूले के अनुसार 80 सीटों पर मोलभाव शुरू करेंगे।
