कांग्रेस का देशव्यापी प्रदर्शन: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की तैयारी
नई दिल्ली में राजनीतिक टकराव
नई दिल्ली: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उत्पन्न विवाद अब एक बड़े राजनीतिक संघर्ष में बदल गया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर देशभर में जोरदार प्रदर्शन किया। दिल्ली, चंडीगढ़, लखनऊ, कोलकाता, देहरादून से लेकर जम्मू-कश्मीर तक कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। इस बीच, विपक्षी दलों ने संसद के दोनों सदनों में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस देने की तैयारी भी शुरू कर दी है।
संसद से सड़क तक का संघर्ष
संसद से सड़क तक संग्राम, जम्मू-कश्मीर विधानसभा में गूंजे नारे
दिल्ली में चुनाव आयोग के मुख्यालय के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और भारी पुलिस बल तैनात किया गया। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में भी इस मुद्दे की गर्माहट देखी गई। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, कांग्रेस विधायक निजामुद्दीन भट, इरफान हाफिज लोन और इफ्तिखार अहमद ने "वोट बचाओ, लोकतंत्र बचाओ" और "निष्पक्ष चुनाव के बिना लोकतंत्र नहीं" जैसे बैनरों के साथ जोरदार प्रदर्शन किया। असम में सांसद गौरव गोगोई के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन हुआ, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। हिमाचल प्रदेश में आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने राज्य चुनाव आयोग कार्यालय के आधिकारिक बोर्ड पर कालिख पोत दी।
चुनाव आयोग के भीतर मतभेद
चुनाव आयोग के भीतर मतभेद उजागर, 14 बार दर्ज कराई गई थी आपत्ति
इस देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण चुनाव आयोग के भीतर कथित अंदरूनी मतभेदों का उजागर होना है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, साथी चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार SIR से जुड़े फैसलों पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। इनमें मतदाता पंजीकरण फॉर्म 6 में बदलाव, नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया और वोटर लिस्ट डेटाबेस के केंद्रीय नियंत्रण जैसे संवेदनशील मुद्दे शामिल थे। हालांकि, चुनाव आयोग ने इस पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि किसी भी लोकतांत्रिक संस्था में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय होना सामान्य प्रक्रिया है और आयोग के सभी निर्णय पूर्ण वैधानिक नियमों के तहत लिए गए हैं।
विरोध प्रदर्शन की अगली रणनीति
28 सितंबर को जिला कलेक्ट्रेट तक मार्च, महाभियोग का नोटिस देने की तैयारी
कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल के अनुसार, पार्टी ने इस विरोध प्रदर्शन को दो चरणों में आयोजित करने की योजना बनाई है। शुक्रवार को राज्य चुनाव आयोग कार्यालयों के घेराव के बाद, अब 28 सितंबर को सभी जिला कांग्रेस समितियां जिला कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च निकालेंगी। कर्नाटक में कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जबकि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने उनके खिलाफ प्राथमिकी और गिरफ्तारी की मांग उठाई है। कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि पार्टी अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर अगले दो हफ्तों के भीतर संसद में सीईसी के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस पेश करने की रणनीति पर काम कर रही है।
