कांग्रेस का नया राष्ट्रव्यापी अभियान: लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष
कांग्रेस की उच्च स्तरीय बैठक का परिणाम
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी के महासचिवों, प्रदेश प्रभारियों और राज्य इकाइयों के अध्यक्षों ने भाग लिया। इस बैठक के बाद, के.सी. वेणुगोपाल ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश और झारखंड में हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों में जो घटनाएं हुईं, वे लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।
मध्य प्रदेश में नामांकन रद्द होने का मुद्दा
मध्य प्रदेश में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन बिना किसी कानूनी आधार के रद्द कर दिया गया। कांग्रेस के संगठन महासचिव ने कहा कि देश की स्थिति इतनी गंभीर है कि एक ओर लोकतंत्र का अभाव है और दूसरी ओर आम लोग अपनी आजीविका के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस संदर्भ में, कांग्रेस पार्टी पूरे देश में एक अभियान शुरू करने की योजना बना रही है।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने के मुद्दे पर कांग्रेस ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया। अदालत ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान नामांकन से जुड़े विवादों का समाधान चुनाव याचिका के माध्यम से किया जाना चाहिए। मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवार पहले ही निर्वाचित हो चुके हैं।
कांग्रेस का अभियान और बीजेपी पर आरोप
कांग्रेस ने इस फैसले को चुनौती देते हुए चुनाव आयोग में शिकायत की थी। पार्टी का आरोप है कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन राजनीतिक कारणों से रद्द किया गया। राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी और चुनाव आयोग की मिलीभगत ने सीटों की चोरी की है।
कांग्रेस की रणनीति
कांग्रेस ने यह स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे को लेकर मोदी सरकार के खिलाफ एक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाएगी। हालांकि, कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस को अपनी नकारात्मक सोच पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है।
लोकतंत्र की मजबूती
लोकतंत्र में एक मजबूत विपक्ष की आवश्यकता होती है, लेकिन वर्तमान में कांग्रेस की विरोध की नीति आत्मघाती साबित हो रही है। पार्टी को आत्मचिंतन करने की आवश्यकता है, क्योंकि उसकी मजबूती से ही लोकतंत्र की मजबूती संभव है।
मुख्य संपादक का संदेश
-इरविन खन्ना, मुख्य संपादक।
