कांग्रेस की पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी: बिना सीएम चेहरे के चुनाव लड़ने पर विचार
पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों में कांग्रेस
चंडीगढ़ - पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं। इस बीच, कांग्रेस ने भी अपनी रणनीतियों को मजबूत करने के लिए बैठकें आयोजित की हैं और फीडबैक एकत्रित कर रही है। पार्टी के हाईकमान द्वारा नियुक्त तीन पर्यवेक्षक पंजाब में सक्रिय हैं और ये तीन दिन तक कांग्रेस नेताओं से फीडबैक लेंगे। पिछले दो दिनों से यह प्रक्रिया चल रही है और कल इसका तीसरा दिन है। फीडबैक पूर्व और वर्तमान विधायकों के साथ-साथ अन्य कांग्रेसी नेताओं से लिया जा रहा है। इस प्रक्रिया के बाद, रिपोर्ट हाईकमान को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर अगली रणनीति बनाई जाएगी। यह रणनीति यह तय करेगी कि किस नेता को कौन सी जिम्मेदारी दी जाएगी।
आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के तहत, कांग्रेस आलाकमान ने वरिष्ठ नेताओं अजय माकन, मीनाक्षी नटराजन और भजन लाल जाटव को पंजाब का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। ये नेता राज्य में पार्टी की स्थिति, गुटबाजी, संगठन की मजबूती और जनता की राय का आकलन कर रहे हैं। पर्यवेक्षकों की टीम ने राज्य के सांसदों, विधायकों, पूर्व विधायकों और जिला अध्यक्षों के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस बिना किसी मुख्यमंत्री चेहरे के सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने पर विचार कर रही है। ऐसा माना जा रहा है कि यदि सीएम चेहरे की घोषणा की गई, तो पार्टी में विरोध की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, इसलिए इस फैसले को फिलहाल टाला जा रहा है।
