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कांग्रेस ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की योजना बनाई

कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की योजना बनाई है, जो मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच है। विपक्षी दलों से संपर्क कर, कांग्रेस ने संसद में इस प्रस्ताव को पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके साथ ही, पार्टी ने राज्य चुनाव आयोग कार्यालयों तक विरोध मार्च निकालने का भी निर्णय लिया है। जानें इस विवाद के पीछे की वजहें और चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया।
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नई दिल्ली में राजनीतिक हलचल

नई दिल्ली: मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने अन्य विपक्षी दलों से संपर्क कर संसद के दोनों सदनों में महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, यह नोटिस अगले दो सप्ताह में पेश किया जा सकता है।


पहले भी उठ चुका है महाभियोग का मुद्दा

यह पहली बार नहीं है जब विपक्ष ने CEC को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने की कोशिश की है। रिपोर्टों के अनुसार, 24 अप्रैल 2026 को 73 विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा में ज्ञानेश कुमार को हटाने का नोटिस दिया था, जो अभी भी लंबित है। अब SIR से संबंधित नई रिपोर्टों के बाद विपक्ष एक नया नोटिस लाने की योजना बना रहा है।


राज्य चुनाव आयोग कार्यालयों तक विरोध मार्च

कांग्रेस ने अपनी राज्य इकाइयों को 25 सितंबर को राज्य चुनाव आयोग कार्यालयों तक विरोध मार्च निकालने का निर्देश दिया है। पार्टी ने CEC को पद से हटाने की मांग भी की है।


SIR को लेकर चुनाव आयोग में मतभेद

विवाद की मुख्य वजह SIR और चुनाव आयोग के कार्यों को लेकर आई रिपोर्ट है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कुछ निर्णयों और प्रक्रियाओं पर 14 बार आपत्तियां दर्ज की थीं। इनमें मतदाता सूची, Form 6, ERO-Net और SIR से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।


Form 6 और नए मतदाताओं का मुद्दा

विवाद का एक महत्वपूर्ण मुद्दा Form 6 है, जिसका उपयोग नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए किया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, नए फॉर्म में SIR से जुड़े पुराने मतदाता रिकॉर्ड के संबंध में घोषणा शामिल की गई थी। दोनों चुनाव आयुक्तों ने इस बदलाव पर आपत्ति जताई थी।


ECI-Net को लेकर भी उठे सवाल

चुनाव आयोग के डिजिटल सिस्टम ECI-Net और ERO-Net को लेकर भी आपत्तियों का जिक्र किया गया है। आरोप है कि मतदाता सूची से जुड़े डेटा और प्रक्रियाओं का नियंत्रण अधिक केंद्रीकृत किया गया है।


चुनाव आयोग की सफाई

चुनाव आयोग के अधिकारियों ने रिपोर्टों में सामने आए मतभेदों को लेकर कहा है कि संवैधानिक संस्था के भीतर विचारों में अंतर होना संभव है। आयोग के अनुसार, SIR समेत महत्वपूर्ण फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से लिए गए हैं।


संसद में आगे की रणनीति

वर्तमान में विपक्षी दल CEC के खिलाफ नए महाभियोग नोटिस को लेकर चर्चा कर रहे हैं। कांग्रेस के अनुसार, इसे संसद के दोनों सदनों में पेश करने की योजना है। चुनाव आयोग ने अपने कार्यों और SIR को लेकर स्पष्टीकरण दिया है।