कांग्रेस ने प्रह्लाद जोशी की शिक्षा मंत्री के रूप में नियुक्ति पर उठाए सवाल
कांग्रेस का तीखा हमला
नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार को केंद्र सरकार के नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस निर्णय पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंत्रिमंडल में कई योग्य लोग थे, लेकिन प्रधानमंत्री ने एक ऐसे व्यक्ति को चुना है, जो दुष्कर्म के आरोपियों का समर्थन करता है। राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति समाज को गलत संदेश देती है।
राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा ने जो शिक्षा मंत्री चुना है, वह दुष्कर्म के आरोपियों का बचाव करता है। इससे बुरा क्या हो सकता है? उन्होंने इस नियुक्ति को हैरान करने वाला बताते हुए प्रधानमंत्री की पसंद पर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि इस मामले में जवाबदेही होनी चाहिए।
As the Education Minister of India, the BJP puts a man who is a defender of rapists. That is the filthiest type of man. There can be no filthier man than somebody who says that rapists need protection. That is the Education Minister of India today.
It's a strange reaction from… pic.twitter.com/XZmMJgVcWW
— Congress (@INCIndia) July 28, 2026
इससे पहले, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी प्रह्लाद जोशी पर टिप्पणी की थी, जिसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। प्रधानमंत्री ने एक ऐसे व्यक्ति को शिक्षा मंत्री चुना है, जिसने गर्भवती रेप पीड़िता के दोषियों की रिहाई पर सहमति जताई थी। इस पर स्पीकर ने उन्हें टोका और सत्तापक्ष के सदस्यों ने हंगामा किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रियंका गांधी की टिप्पणी चरित्र हनन है और इसे रिकॉर्ड से हटाया जाना चाहिए।
नए वाले शिक्षा मंत्री की करतूत
pic.twitter.com/Zosg3otBTt
— Congress (@INCIndia) July 28, 2026
लोकसभा में हंगामा जारी है। प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर ट्रेजरी बेंच के सदस्य विरोध कर रहे हैं। निशिकांत दुबे और प्रह्लाद जोशी ने कहा कि पहले ऑथेंटिकेट करें, फिर आगे बढ़ें। कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल ने कहा कि निशिकांत दुबे ने भी इसी सदन में नेहरू और इंदिरा गांधी पर टिप्पणियां की हैं, जिन्हें रिकॉर्ड से नहीं हटाया गया। इस पर प्रह्लाद जोशी ने कहा कि उन्होंने कोई नोटिस नहीं दिया और उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। प्रियंका गांधी ने समाचार पत्र की कटिंग सदन में पेश करते हुए पूछा कि क्या जोशी जी अपने बयान का खंडन कर रहे हैं। इस पर स्पीकर ने कहा कि इस बिल पर चर्चा होगी।
LIVE: Smt @priyankagandhi | Discussion on the Public Examinations Amendment Bill 2026 | Lok Sabha https://t.co/MR3biP0YQ8
— Congress (@INCIndia) July 28, 2026
