कांग्रेस ने रायजोर दल से संबंध समाप्त किए, गठबंधन की मर्यादा का उल्लंघन बताया
कांग्रेस का रायजोर दल से संबंध समाप्त करने का निर्णय
असम में कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को रायजोर दल के साथ अपने सभी संबंध समाप्त करने की घोषणा की, जिसका नेतृत्व अखिल गोगोई कर रहे हैं।
कांग्रेस ने इस निर्णय का कारण 'गठबंधन की मर्यादा का उल्लंघन' बताया है।
यह निर्णय कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई के निर्देश पर लिया गया और यह तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है।
इस संबंध में असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के महासचिव रमन्ना बरुआ द्वारा हस्ताक्षरित एक परिपत्र बुधवार को जारी किया गया।
कांग्रेस ने बताया कि उसने पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले कई क्षेत्रीय दलों के साथ चुनावी गठबंधन किया था, जिसका उद्देश्य 'सांप्रदायिक ताकतों' के खिलाफ एकजुट विपक्ष प्रस्तुत करना था।
हालांकि, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस दौरान रायजोर दल का नेतृत्व लगातार कांग्रेस के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण प्रचार और चरित्र हनन में लगा रहा, जिससे गठबंधन के नियमों का उल्लंघन हुआ।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि रायजोर दल के नेतृत्व ने विपक्षी गठबंधन में शामिल अन्य दलों के नेताओं के खिलाफ कई बार बेबुनियाद और अपमानजनक टिप्पणियां कीं।
इस स्थिति को देखते हुए कांग्रेस ने रायजोर दल के साथ राजनीतिक संबंध बनाए रखना असंभव बताया।
कांग्रेस ने यह स्पष्ट किया कि गठबंधन समाप्त होने के बावजूद वह अपनी प्रतिबद्धताओं पर अडिग है और जनता से जुड़े मुद्दों को उठाती रहेगी।
रायजोर दल के नेतृत्व की ओर से इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
कांग्रेस और रायजोर दल पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान छह दलों वाले विपक्षी गठबंधन का हिस्सा थे, जिसमें कांग्रेस ने 19 और रायजोर दल ने 2 सीटें जीती थीं।
