कांग्रेस पार्टी को ईडी की कार्रवाई से नई चुनौतियाँ
कांग्रेस की राजनीतिक चुनौतियाँ
कांग्रेस पार्टी को भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन एक और बड़ी समस्या प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की है। यह स्पष्ट नहीं है कि ईडी कब और किस प्रकार से कांग्रेस को परेशान करेगा। एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने बताया कि कई बार ऐसा लगता है कि अब क्या किया जा सकता है। सोनिया और राहुल गांधी से कई बार पूछताछ हो चुकी है, रॉबर्ट वाड्रा और डीके शिवकुमार से भी। कई नेता जेल जा चुके हैं, जबकि भूपेंद्र सिंह हुड्डा से भी पूछताछ हो चुकी है। इसलिए अब डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। फिर भी, ईडी की कार्रवाई कहीं और हो जाती है और पार्टी के लिए समस्याएँ उत्पन्न कर देती हैं।
उत्तराखंड में हरीश रावत का विवाद
हाल ही में उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, और कांग्रेस पार्टी को उम्मीद है कि भाजपा की 10 साल की सरकार के खिलाफ एंटी इन्कम्बैंसी का फायदा उठाएगी। लेकिन चुनाव से पहले, पार्टी के प्रमुख नेता हरीश रावत विवादों में घिर गए हैं। हाल ही में, उनके निजी सचिव चंदन सिंह जीना के घर पर ईडी ने छापा मारा और 1.25 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और संपत्ति जब्त की। हरीश रावत जब मुख्यमंत्री थे, तब जीना उनके ओएसडी थे। आज वे किसी सरकारी पद पर नहीं हैं, लेकिन रावत के पीए होने के नाते, ईडी की कार्रवाई का असर रावत पर पड़ा। इस कारण, रावत ने कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है, इसलिए वे नहीं चाहते कि उनकी वजह से पार्टी की छवि पर कोई आंच आए। यह एक नैतिक निर्णय है, लेकिन ईडी की कार्रवाई ने भाजपा को कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने का अवसर प्रदान किया है।
कर्नाटक में ईडी की कार्रवाई
उत्तराखंड के अलावा, ईडी ने हाल ही में कर्नाटक में भी कार्रवाई की। पिछले हफ्ते, ईडी ने कर्नाटक के मंत्री सतीश जरकिहोली और उनकी सांसद बेटी प्रियंका के घर पर छापा मारा। जरकिहोली परिवार एक मजबूत राजनीतिक परिवार है। सतीश जरकिहोली पहले सिद्धारमैया के करीबी सहयोगियों में से थे, लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद, शिवकुमार ने उन्हें अपने खेमे में शामिल कर लिया। अब, सतीश जरकिहोली का कहना है कि कांग्रेस के कुछ लोगों ने उनके खिलाफ कार्रवाई कराई है। इसके अलावा, ईडी ने कांग्रेस को केरल में भी मुश्किल में डाल दिया है, जहां उसने पूर्व मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन और उनके परिवार के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले दर्ज करने के लिए कहा है। यह स्थिति कांग्रेस के लिए चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि कोई भी कदम भाजपा को लाभ पहुंचा सकता है।
