कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम विवाद: सोनिया गांधी पर बीजेपी की शिकायत
वंदे मातरम विवाद का कानूनी मोड़
नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम को लेकर उत्पन्न विवाद अब कानूनी रूप ले चुका है। बीजेपी के नेताओं ने रविवार को कर्नाटक के उरवा पुलिस थाने में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
बीजेपी की शिकायत का कारण
बीजेपी नेताओं का आरोप है कि 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम गाए जाने के दौरान पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता आपस में बातचीत कर रहे थे। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद बीजेपी ने इसे राष्ट्रीय गीत का अपमान करार दिया।
उरवा थाने में शिकायत देने वाले बीजेपी नेता विकास और राजगोपाल ने कहा कि पुलिस बीएनएसएस के तहत एफआईआर दर्ज कर सकती है, हालांकि अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने भी कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस को राष्ट्रीय गीत से समस्या है और वह इसका सम्मान नहीं करती।
सुवेंदु अधिकारी और अमित शाह का बयान
पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी ने इस मुद्दे को सबसे पहले उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में वंदे मातरम का पूरा संस्करण गाने पर आपत्ति जताई थी।
अधिकारी ने कहा कि बंगाल के लोगों को इससे गहरा दुख पहुंचा है और उन्होंने सोनिया गांधी से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की। इसके साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी इस पर स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि माफी नहीं मिली तो बड़ा विरोध होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी चित्तौड़गढ़ की रैली में कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा, "हम सबने टीवी पर देखा। सोनिया गांधी ने बीच में गीत रुकवा दिया।"
शाह ने कांग्रेस से मांग की कि उन्हें देश की जनता और वंदे मातरम के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के चलते कांग्रेस वंदे मातरम को भूल गई है।
विवाद की पृष्ठभूमि
कांग्रेस मुख्यालय में 15 अगस्त के कार्यक्रम का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वंदे मातरम बजते समय कई वरिष्ठ नेता आपस में बातचीत करते नजर आए। बीजेपी ने इसे राष्ट्रीय गीत के प्रति अनादर बताया। यह विवाद उस समय उभरा है जब संसद ने पिछले महीने "राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम संशोधन विधेयक 2026" पास किया है।
इस नए कानून के तहत वंदे मातरम को भी राष्ट्रगान की तरह विशेष सुरक्षा प्राप्त हुई है। बीजेपी का कहना है कि राष्ट्रीय गीत का अपमान सीधे देश का अपमान है। वहीं, कांग्रेस की ओर से इस पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
