कांवड़ यात्रा 2026: सुरक्षा और दिशा-निर्देशों की जानकारी
कांवड़ यात्रा का शुभारंभ
कांवड़ यात्रा 2026 का आयोजन पवित्र सावन मास की शुरुआत के साथ हो रहा है। इस अवसर पर, शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लाकर अपने-अपने क्षेत्र के मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और उत्साह को ध्यान में रखते हुए, स्थानीय पुलिस ने कांवड़ यात्रियों और शिविर आयोजकों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
कांवड़ यात्रियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश
मुख्य दिशा-निर्देश:
पंजीकरण और पहचान पत्र: सभी श्रद्धालुओं को यात्रा पर निकलने से पहले अपने नजदीकी पुलिस थाने में पंजीकरण कराना अनिवार्य है और यात्रा के दौरान पहचान पत्र साथ रखना चाहिए।
हथियारों पर प्रतिबंध: यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के धारदार या घातक हथियार ले जाना मना है।
नशा-मुक्त यात्रा: कांवड़ यात्री किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहें और शांतिपूर्वक यात्रा करें।
यातायात नियमों का पालन: सड़क पर निर्धारित लेन में चलें और बिना साइलेंसर वाली बाइकों का प्रयोग न करें।
कांवड़ शिविर आयोजकों के लिए निर्देश
आवश्यक निर्देश:
पूर्व सूचना: शिविर लगाने वाली संस्थाओं को आयोजन से पहले संबंधित पुलिस थाने को सूचित करना चाहिए।
स्थान और दूरी: शिविरों को सड़क के बाईं ओर 100 फुट की दूरी पर स्थापित करना आवश्यक है।
सीसीटीवी निगरानी: सभी शिविरों में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य है।
सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध
अलग रास्ता बनाया जाएगा:
कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए दिल्ली-जयपुर हाईवे पर पैदल चलने के लिए बाईं ओर रस्सी लगाकर अलग रास्ता बनाया जाएगा। यात्रा के दौरान क्रेन, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ तैनात रहेंगी।
इसके अलावा, पुलिस की गश्त और सहायता वाहन भी तैनात रहेंगे। मुख्य प्वाइंट पर ट्रैफिक पुलिस के जवान भी मौजूद रहेंगे।
आपात स्थिति में सहायता
आपातकालीन सहायता उपलब्ध:
एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि कांवड़ मार्गों पर पुलिस गश्त और सहायता वाहन तैनात रहेंगे। किसी भी अप्रिय घटना या सड़क दुर्घटना की स्थिति में मेडिकल सुविधाओं का पुख्ता इंतजाम किया गया है।
विशेष संदेश
सुरक्षा का ध्यान रखें:
“कांवड़ यात्री और आयोजक प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन 112 पर संपर्क करें। रेवाड़ी पुलिस आपकी सुरक्षा और सहयोग के लिए तत्पर है।”
