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केंद्र सरकार का परिसीमन विधेयक पर विपक्ष से संवाद का प्रयास

केंद्र सरकार परिसीमन विधेयक पर चर्चा करने की कोशिश कर रही है, लेकिन विपक्ष का सहयोग नहीं मिल रहा है। राहुल गांधी ने सर्वदलीय बैठक की मांग की है, जिससे सभी दलों के विचार साझा किए जा सकें। कांग्रेस ने पहले अन्य विपक्षी दलों से चर्चा करने का निर्णय लिया है। इस बीच, अमित शाह से संसद में बयान देने की मांग भी उठाई गई है। जानें इस मुद्दे पर और क्या हो रहा है।
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सरकार की चर्चा की कोशिश

केंद्र सरकार परिसीमन विधेयक पर त्वरित चर्चा करने की इच्छा रखती है, लेकिन विपक्ष का सहयोग नहीं मिल रहा है। कांग्रेस को मनाने के लिए सरकार ने संपर्क साधा है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बीच लगभग 50 मिनट तक टेलीफोन पर बातचीत हुई। इस बातचीत में विधेयक पर राजनीतिक सहमति बनाने और विपक्ष को विश्वास में लेने के प्रयासों पर चर्चा की गई। सरकार का कहना है कि कांग्रेस प्रमुख विपक्षी दल है, इसलिए उनसे संवाद किया गया।


राहुल गांधी की सर्वदलीय बैठक की मांग

सर्वदलीय बैठक का सुझाव

सूत्रों के अनुसार, बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने सुझाव दिया कि केंद्र सरकार सभी राजनीतिक दलों की एक सर्वदलीय बैठक बुलाए, इससे पहले कि परिसीमन विधेयक संसद में पेश किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि विधेयक का मसौदा सभी दलों के साथ साझा किया जाना चाहिए ताकि व्यापक चर्चा हो सके। हालांकि, सरकार ने बताया कि इस विषय पर पहले ही कई राजनीतिक दलों से विचार-विमर्श किया जा चुका है।


कांग्रेस का विपक्षी दलों से चर्चा का रुख

कांग्रेस की रणनीति

राहुल गांधी ने सरकार से कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर पहले अन्य विपक्षी दलों से चर्चा करेगी। इसके बाद ही पार्टी परिसीमन विधेयक पर अपना औपचारिक रुख सरकार को बताएगी। सरकारी सूत्रों का दावा है कि इस विधेयक को लेकर कोई गतिरोध नहीं है और सरकार संसद में इसे पारित कराने के लिए आवश्यक समर्थन मिलने को लेकर आश्वस्त है।


अमित शाह के बयान की मांग

बयान की आवश्यकता

बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संसद में बयान देने की अपनी मांग को दोहराया। विपक्ष लगातार 20 जुलाई को CJP के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चंदा फंड में कथित गड़बड़ी जैसे मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के बयान की मांग कर रहा है। इन मुद्दों के कारण मानसून सत्र के दौरान संसद की कार्यवाही कई बार बाधित हुई है।


संवाद की कोशिशों के बीच गतिरोध

राजनीतिक सहमति की आवश्यकता

संसद के मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष कई मुद्दों पर आमने-सामने हैं, जिसके कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ रही है। ऐसे माहौल में परिसीमन विधेयक को लेकर सरकार की ओर से विपक्ष से संवाद की पहल को राजनीतिक सहमति बनाने की कोशिश माना जा रहा है। हालांकि, विधेयक के अंतिम स्वरूप और विपक्ष के रुख पर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। सरकार और कांग्रेस की ओर से आधिकारिक रूप से बातचीत का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है, इसलिए यह जानकारी सरकारी सूत्रों के हवाले से सामने आई है.