केंद्र सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून को दी मंजूरी
पेपर लीक के मामलों पर सख्त कदम
नई दिल्ली - नीट परीक्षा में पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रहे लगातार पेपर लीक के मामलों को देखते हुए, केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार को पेपर लीक से संबंधित मामलों में सजा को और कड़ा करने वाले विधेयक को स्वीकृति दे दी है। सूत्रों के अनुसार, यह विधेयक अगले सप्ताह संसद में पेश किया जा सकता है।
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब देशभर में छात्र पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और संसद में भी इस मुद्दे पर हंगामा जारी है। दरअसल, कैबिनेट बैठक से एक दिन पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार रात को एक वीडियो संदेश जारी कर इस दिशा में संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में पेपर लीक के मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और दोषियों को कड़ी सजा देने वाले कानून पर चर्चा की जाएगी।
प्रधानमंत्री ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि पेपर लीक कोई साधारण मुद्दा नहीं है। इससे लाखों छात्रों और उनके परिवारों को गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इस समस्या से सख्ती से निपटने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक मजबूत कानूनी ढांचा तैयार किया जाएगा। इससे पहले, गुरुवार सुबह भी प्रधानमंत्री मोदी ने पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की थी। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को तुरंत आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए थे।
अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद सभी की नजर अगले सप्ताह संसद पर रहेगी, जहां इस महत्वपूर्ण विधेयक को पेश किए जाने की संभावना है। वहीं, नीट पेपर लीक मामले में अब तक कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा, केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में भी एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। सरकार ने 1994 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया है, जिन्होंने विनीत जोशी की जगह यह जिम्मेदारी संभाली है।
