केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का राहुल गांधी पर तीखा जवाब
केंद्रीय मंत्री का पलटवार
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विदेशी ताकतों के समर्थन से सत्ता में आने के राहुल गांधी के आरोप का कड़ा जवाब दिया। रिजिजू ने राहुल की बहस की चुनौती को अस्वीकार करते हुए कहा कि गंभीर चर्चाएं केवल समझदार व्यक्तियों के बीच होती हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता पर भारत के दुश्मनों के एजेंडे को आगे बढ़ाने का आरोप भी लगाया।
प्रधानमंत्री मोदी का बयान
रिजिजू ने राहुल गांधी के बयान की तुलना इस्लामी कट्टरपंथियों के धर्मनिरपेक्षता की बात करने और अलगाववादियों के भारतीय झंडे उठाने से की। उन्होंने कहा कि दूसरों पर विदेशी समर्थन लेने का आरोप लगाना अपने आप को मजाक में डालने जैसा है। यह विवाद प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने विपक्ष पर देश को बांटने वाली ताकतों के साथ खड़े होने का आरोप लगाया।
गुजरात दौरे के दौरान पीएम मोदी का बयान
गुजरात दौरे के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में कुछ ताकतें झूठ और अफवाहें फैलाकर अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अब विरोध के बजाय अवरोध बन गए हैं और देश के विकास में बाधा डाल रहे हैं। पीएम मोदी ने यह भी सवाल उठाया कि विदेश में कौन किससे मिल रहा है और भारत विरोधी ताकतें किसका समर्थन कर रही हैं।
राहुल गांधी के आरोप
पीएम मोदी के बयानों का जवाब देते हुए, राहुल गांधी ने उन पर विदेशी समर्थन के सहारे सत्ता में बने रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की वित्तीय व्यवस्था विदेशी नियंत्रण में है और विदेशी सोशल मीडिया भी उनका समर्थन करता है। राहुल ने पीएम मोदी को खुली बहस की चुनौती दी, यह कहते हुए कि वह किसी भी मंच पर बहस के लिए तैयार हैं।
रिजिजू की प्रतिक्रिया
राहुल गांधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए, रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस नेता को पहले अपने आरोपों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने राहुल पर भारत के दुश्मनों के एजेंडे को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया। रिजिजू के बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक जुबानी जंग और तेज हो गई है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर देश विरोधी ताकतों के समर्थन का आरोप लगा रहे हैं।
