केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की बेलग्रेड में द्विपक्षीय बैठकें
कूटनीतिक प्रयासों का विस्तार
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बेलग्रेड में गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) शिखर सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं कीं। इन वार्ताओं का उद्देश्य द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आपसी संबंधों को बढ़ावा देना था।
इस कूटनीतिक पहल के तहत, रिजिजू ने सऊदी अरब के विदेश मामलों के उप मंत्री वलीद ए. एम. एल्खेरेइजी के साथ चर्चा की। उन्होंने नई दिल्ली और रियाद के बीच के ऐतिहासिक संबंधों को और गहरा करने के उपायों पर विचार किया, साथ ही साझा हितों वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की।
सर्बिया के नेताओं के साथ बैठक
रिजिजू ने 'X' पर साझा किया, "मैंने सऊदी अरब के विदेश मामलों के उप मंत्री महामहिम वलीद ए. एम. एल्खेरेइजी से मुलाकात की। हमने भारत-सऊदी अरब की दीर्घकालिक साझेदारी को और मजबूत करने और आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान किया।"
केंद्रीय मंत्री ने सर्बियाई नेशनल असेंबली की अध्यक्ष एना ब्रनाबिक से भी मुलाकात की। इस दौरान, दोनों पक्षों ने भारत और सर्बिया के बीच के लंबे समय से चले आ रहे संबंधों पर चर्चा की और विधायी कूटनीति के महत्व पर भी विचार किया।
रिजिजू ने X पर लिखा, "सर्बिया गणराज्य की नेशनल असेंबली की प्रेसिडेंट महामहिम एना ब्रनाबिक के साथ एक सार्थक बैठक हुई। हमने भारत और सर्बिया के बीच दोस्ती के मजबूत रिश्तों और संसदीय आदान-प्रदान की अहम भूमिका पर चर्चा की।"
अंगोला और सर्बिया के मंत्रियों से वार्ता
अपने कार्यक्रम के दौरान, रिजिजू ने अंगोला के विदेश मंत्री टेटे एंटोनियो के साथ बातचीत की, जिसमें द्विपक्षीय गठबंधन को मजबूत करने और सहयोग के दायरे को बढ़ाने पर जोर दिया गया।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने सर्बिया की आंतरिक और विदेशी व्यापार मंत्री जगोडा लाज़ारेविच से भी मुलाकात की, ताकि व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को बढ़ाने के अवसरों की समीक्षा की जा सके।
इससे पहले, मंगलवार को, रिजिजू ने सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक से भी मुलाकात की और आपसी सम्मान तथा साझा प्राथमिकताओं पर आधारित मजबूत दोस्ती और बढ़ती साझेदारी को फिर से दोहराया।
