Newzfatafatlogo

केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा ने योग दिवस का श्रेय पीएम मोदी को दिया

केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा ने योग दिवस को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया है। उन्होंने कहा कि मोदी के प्रयासों से योग को नई पहचान मिली है। इसके साथ ही, उन्होंने किसान सम्मान निधि योजना की भी चर्चा की, जिसमें किसानों को आर्थिक सहायता दी जाती है। वर्मा ने अखिलेश यादव के राम मंदिर पर उठाए गए सवालों का भी जवाब दिया। जानें इस महत्वपूर्ण बातचीत के और पहलुओं के बारे में।
 | 
केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा ने योग दिवस का श्रेय पीएम मोदी को दिया

योग दिवस का वैश्विक प्रचार

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा ने योग दिवस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया।


शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों के कारण आज योग को विश्व स्तर पर एक नई पहचान मिली है। उनके नेतृत्व में ऋषि-मुनियों की इस परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य किया गया है, जिससे लोग योग को अपनाने लगे हैं। बाबा रामदेव जैसे कई प्रमुख व्यक्तियों ने भी योग को वैश्विक स्तर पर फैलाने में योगदान दिया है।


बीएल वर्मा ने बताया कि उन्हें 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है, और वह इसमें भाग लेने के लिए उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि हमें गर्व होना चाहिए कि हमारी संस्कृति को वैश्विक मंच पर मान्यता मिली है।


इसके साथ ही, उन्होंने ‘किसान सम्मान निधि’ योजना पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों को सशक्त बनाने के लिए इस योजना की शुरुआत की, जिसके तहत किसानों को दो हजार रुपये दिए जाते हैं। कांग्रेस के शासनकाल में किसानों को कोई सहायता नहीं मिली, जबकि वर्तमान सरकार किसानों के हित में ठोस कदम उठा रही है। इस योजना से करोड़ों किसानों को लाभ हुआ है, और अब तक चार लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं।


उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने यूरिया और खाद की कीमतों में वृद्धि की है और किसानों के लिए एमएसपी के दाम भी बढ़ाए गए हैं। केंद्र सरकार किसानों को सशक्त करने के लिए कई योजनाएं लागू कर रही है, जिसके परिणामस्वरूप 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं।


अखिलेश यादव द्वारा राम मंदिर के चंदे में घपले के आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए वर्मा ने कहा कि यह गलत है। उन्होंने याद दिलाया कि अखिलेश यादव के शासनकाल में कारसेवकों पर गोली चलाई गई थी। उन्होंने कहा कि जनता इस पर जवाब देगी और एसआईटी मामले की जांच कर रही है।


उन्होंने नीट परीक्षा के बारे में भी कहा कि उन्हें विश्वास है कि परीक्षा में किसी को कोई असुविधा नहीं होगी।