कोलंबिया में सेना के हमले में नेशनल लिबरेशन आर्मी के 10 सदस्य मारे गए
कोलंबिया के राष्ट्रपति का बड़ा दावा
कोलंबिया के राष्ट्रपति अबेलार्दो दे ला एस्प्रिएला ने रविवार को बताया कि हाल ही में एक सैन्य ऑपरेशन में नेशनल लिबरेशन आर्मी के कम से कम 10 सदस्य, जिनमें संगठन के दो प्रमुख नेता भी शामिल हैं, मारे गए। उन्होंने इसे पिछले आठ वर्षों में इस गुरिल्ला समूह पर किया गया सबसे बड़ा हमला करार दिया। यह सैन्य कार्रवाई बृहस्पतिवार को कोलंबिया के प्रशांत क्षेत्र के काउका प्रांत के एल तांबो के ग्रामीण इलाके में की गई थी।
इस अभियान के दौरान 'मार्कोस पैसिफिको' और 'ओचेंता' (या 'मुरिलो') नाम के दो प्रमुख नेता मारे गए। ये दोनों नेता दक्षिण-पश्चिमी मोर्चे के 'जोस मारिया बेसेरा' गुट के वरिष्ठ सदस्य थे। एस्प्रिएला ने कहा कि इन नेताओं की मौत से संगठन की कमांड संरचना और आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने की क्षमता पर असर पड़ा है।
राष्ट्रपति ने 'मार्कोस पैसिफिको' पर आरोप लगाया कि उसने गुरिल्ला समूह के साथ 24 वर्षों के संबंध में 62 लोगों की हत्या की। इसके अलावा, उन पर 2019 और 2021 में शहरी आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए साजिश रचने का भी आरोप लगाया गया। एस्प्रिएला ने इस अभियान को समूह के खिलाफ एक निर्णायक प्रहार बताया, लेकिन यह भी माना कि इस एक कार्रवाई से नेशनल लिबरेशन आर्मी का खतरा समाप्त नहीं हुआ है।
गुरिल्ला संगठन नेशनल लिबरेशन आर्मी, जो 1964 से हथियारबंद संघर्ष में शामिल है, के शीर्ष नेताओं को हाल ही में 11 से 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी, जिसमें कम से कम 60 नाबालिगों की जबरन भर्ती के मामले शामिल हैं। रूढ़िवादी विचारधारा वाले एस्प्रिएला ने 7 अगस्त को राष्ट्रपति का पद संभाला और अपने पूर्ववर्ती गुस्तावो पेट्रो द्वारा शुरू की गई शांति वार्ता को समाप्त कर विद्रोही समूह के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया है।
