कौशल किशोर ने बीजेपी में अपनी अनदेखी पर उठाए सवाल, 2024 चुनाव की चिंता जताई
कौशल किशोर का बड़ा बयान
लखनऊ। बीजेपी के पूर्व सांसद और केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने पार्टी में अपनी अनदेखी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि कुछ लोग पार्टी में उन्हें किनारे करने की कोशिश कर रहे हैं। कई कार्यक्रमों में उन्हें आमंत्रित नहीं किया जाता और सरकारी आयोजनों में भी कई बार उन्हें सूचित नहीं किया जाता।
कौशल किशोर ने कहा कि वह इस स्थिति से परेशान नहीं हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने 15 चुनाव लड़े हैं, जिनमें से 12 में हार का सामना किया है। इसलिए वह हार या अनदेखी से डरने वाले नहीं हैं।
जनहित की बात करना गलत नहीं
कौशल किशोर ने यह भी कहा कि वह जानना चाहते हैं कि पार्टी उनके प्रति क्या सोचती है। उन्होंने कहा कि वह हमेशा जनहित के कार्यों में लगे रहते हैं। अगर जनता के हित की बात करना गलत है, तो उन्हें नहीं पता कि सही क्या है। उनका उद्देश्य किसी पद के पीछे भागना नहीं है, बल्कि वह कार्यकर्ताओं और जनता की समस्याओं को उठाते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वह बीजेपी से नाराज नहीं हैं और पार्टी की विचारधारा के साथ खड़े हैं। लेकिन जब उन्हें लगता है कि विचारधारा से भटकाव हो रहा है, तो उस पर बोलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पार्टी में कई कार्यकर्ताओं के बीच निराशा है, और उनकी समस्याओं को सुनने की आवश्यकता है।
अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल
कौशल किशोर ने अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुनी जाएगी, तो इससे उनका मनोबल कम होगा। उन्होंने कहा कि सरकार और संगठन के बीच तालमेल होना चाहिए।
कौशल किशोर ने 2024 के लोकसभा चुनाव का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ सदस्यों ने चुनाव में उनका विरोध किया था। उन्होंने कहा कि पार्टी को ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर सफाई
एक दिन पहले, कौशल किशोर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने कहा था कि गेंद जितनी ऊंचाई पर गई थी, उतनी ही तेजी से नीचे आ रही है। इस पर उन्होंने सफाई दी कि उनका बयान किसी विशेष पार्टी या नेता के लिए नहीं था।
कौशल किशोर ने कहा कि बीजेपी को 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अभी से तैयारी करनी होगी। उन्होंने कहा कि पार्टी को जनता का विश्वास फिर से जीतना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अभी भी बीजेपी में हैं और पार्टी के सिद्धांतों के साथ खड़े हैं।
उन्होंने कहा कि पार्टी को यह तय करना है कि वह उन्हें रखना चाहती है या नहीं। फिलहाल, वह बीजेपी के सक्रिय कार्यकर्ता हैं और पार्टी के साथ खड़े हैं। कौशल किशोर के इस बयान से यह स्पष्ट है कि वह पार्टी छोड़ने की बात नहीं कर रहे हैं, लेकिन अपनी अनदेखी और कार्यकर्ताओं की समस्याओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
