क्या तमिलनाडु में फिर से चुनाव होंगे? एमके स्टालिन का बड़ा दावा
चेन्नई में सियासी हलचल
चेन्नई: रविवार को तमिलनाडु की राजनीति में एक नया मोड़ आया जब डीएमके के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया। स्टालिन ने कहा कि मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की टीवीके सरकार के पास बहुमत नहीं है और अगले 3 से 6 महीनों में यह सरकार गिर सकती है, जिसके बाद राज्य में नए विधानसभा चुनाव होंगे।
बहुमत की स्थिति पर चर्चा
स्टालिन ने 28 जून को एक कार्यक्रम में विधानसभा की 234 सीटों का गणित समझाया। उन्होंने बताया कि बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता होती है, जबकि हाल के चुनाव में टीवीके को केवल 106 सीटें मिली थीं। इसके बाद विजय ने कांग्रेस और अन्य दलों का समर्थन लेकर सरकार बनाई।
स्टालिन का कहना है कि टीवीके सरकार डीएमके के पूर्व सहयोगियों की मदद से चल रही है। उन्होंने कहा, "राज्य की सरकार केवल कुछ समय तक ही चल पाएगी। अगले 3 या 6 महीने में कभी भी चुनाव हो सकते हैं।"
कार्यकर्ताओं को चुनाव के लिए तैयार रहने का निर्देश
पूर्व मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनाव के लिए तैयार रहने का संदेश दिया। स्टालिन ने कहा, "टीवीके सरकार का इंजन कितनी दूर जाएगा, यह कहना मुश्किल है। हमें हर स्थिति में चुनाव के लिए तैयार रहना चाहिए।"
हालांकि टीवीके ने चुनाव में बड़ी जीत हासिल की, लेकिन वह अकेले सत्ता में नहीं आ सकी। गठबंधन के बाद विजय ने बहुमत साबित किया और सरकार बनाई। हाल के विधानसभा सत्र में टीवीके और डीएमके के बीच तीखी बहस भी हुई थी।
कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए
स्टालिन ने तमिलनाडु की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से विफल हो चुकी है। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं, बिजली संकट गहरा गया है, और उद्योग दूसरे राज्यों में जा रहे हैं।
स्टालिन के इस बयान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। टीवीके खेमे में भी गतिविधियाँ बढ़ी हैं, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
