क्या भारत का कोई बैंक बनेगा दुनिया के टॉप-5 में? पीएम मोदी और वित्त मंत्री का बड़ा लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी का महत्वाकांक्षी लक्ष्य
नई दिल्ली: 15 अगस्त को लाल किले से अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैंकिंग क्षेत्र के लिए एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भारत को केवल घरेलू स्तर पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनानी होगी। इस दिशा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ठोस कदम उठाने की योजना बनाई है।
एक भारतीय बैंक का टॉप-5 में होना चाहिए
'दुनिया के टॉप-5 में हो एक भारतीय बैंक'
अपने भाषण में, पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत का बैंकिंग क्षेत्र काफी मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा, "हमें बड़े सपने देखने होंगे। हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि कम से कम एक भारतीय बैंक दुनिया के शीर्ष 5 बैंकों में शामिल हो।"
उन्होंने यह भी बताया कि फार्मा क्षेत्र में भी यही लक्ष्य होना चाहिए, जिसमें एक भारतीय कंपनी दुनिया की टॉप-5 फार्मा कंपनियों में शामिल हो। पीएम ने स्पष्ट किया कि यह बदलाव केवल सरकार के प्रयासों से नहीं होगा, बल्कि इसके लिए नागरिकों और उद्योग को मिलकर 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को आगे बढ़ाना होगा।
सरकार का ध्यान: बड़े और वैश्विक बैंक
सरकार का फोकस: बड़े और ग्लोबल बैंक
केंद्र सरकार का बैंकिंग क्षेत्र पर ध्यान नया नहीं है। 2017 से पहले देश में 27 सरकारी बैंक थे, जो विलय के बाद घटकर 12 रह गए। इसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर बड़े बैंक बनाना था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पहले भी कहा है कि भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए SBI जैसे 4-5 बड़े बैंक और एक वैश्विक बैंक की आवश्यकता है।
निर्मला सीतारमण का बड़ा ऐलान
निर्मला का बड़ा ऐलान: बनेगी हाई लेवल कमेटी
सोमवार को नई दिल्ली में 'PSB कॉन्फ्लुएंस 2026' कार्यक्रम में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार जल्द ही बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन करेगी।
DFS द्वारा आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य बैंकिंग क्षेत्र को 'विकसित भारत 2047' के लिए तैयार करना है। निर्मला ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए सुधार आवश्यक हैं।
उन्होंने कहा, "बैंकिंग क्षेत्र पर चर्चा करने का इससे बेहतर समय नहीं हो सकता। जैसे ही समिति सिफारिशें देगी, सरकार तुरंत निर्णय लागू करेगी।" वित्त मंत्री ने युवाओं को बैंकिंग के भविष्य का आधार बताया और कहा कि नई पीढ़ी को वित्तीय सेवाओं से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।
यह ध्यान देने योग्य है कि बजट 2026-27 में उच्च स्तरीय समिति बनाने का विचार आया था, और अब सरकार ने इस दिशा में कदम उठाना शुरू कर दिया है। सभी की नजर इस समिति की सिफारिशों पर है। यदि एक भारतीय बैंक वास्तव में दुनिया के टॉप-5 में पहुंचता है, तो यह 'विकसित भारत' के सपने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
