क्या राहुल गांधी ने गृह मंत्री पर गलत आरोप लगाया? संसद में हंगामा
संसद में हंगामे का माहौल
नई दिल्ली: मंगलवार को लोकसभा में परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाते हुए पूछा कि क्या उन्होंने छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दिया था। इस पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल की संसदीय समझदारी और उनके शब्दों पर सवाल उठाए।
संसदीय मर्यादा पर सवाल
जितेंद्र सिंह ने कहा कि जब सदन में महत्वपूर्ण कानून पर चर्चा हो रही है, तब विपक्ष को सुझाव देने के बजाय राजनीति नहीं करनी चाहिए। उन्होंने राहुल की भाषा को हैरान करने वाला बताते हुए कहा कि क्या उन्हें संसद की बुनियादी मर्यादाओं का ज्ञान है।
मंत्री ने युवाओं के लिए अपमानजनक शब्दों के उपयोग पर भी आपत्ति जताई, यह कहते हुए कि युवा देश का भविष्य हैं और उनके लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
गोली चलाने का आरोप खारिज
राहुल गांधी के आरोपों को नकारते हुए जितेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कोई गोली नहीं चली। उन्होंने कहा कि केवल भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए थे। जब गोली चली ही नहीं, तो गोली चलाने का आदेश देने का सवाल ही नहीं उठता।
आदेश देने का अधिकार
राहुल के आरोपों का जवाब देते हुए जितेंद्र सिंह ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल प्रयोग का आदेश देने का अधिकार केवल संबंधित जिले के मजिस्ट्रेट या DM के पास होता है, न कि किसी केंद्रीय मंत्री के पास। उन्होंने राहुल को प्रक्रिया समझने की सलाह दी।
राहुल गांधी का बयान
सदन की कार्यवाही के बाद राहुल गांधी ने कहा कि गृह मंत्री या तो आदेश देने वाले थे या उन्हें जानकारी नहीं थी, दोनों ही स्थितियों में वे जिम्मेदार हैं। उन्होंने अमित शाह के सदन में न आने पर भी तंज कसा और कहा कि "भारत के बहादुर गृह मंत्री" सदन में नहीं आए।
राहुल ने कहा कि अगर अमित शाह ने आदेश नहीं दिया, तो उन्हें आकर सफाई देनी चाहिए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने विशेषाधिकार का हनन किया है और उन्हें माफी मांगनी चाहिए। कुल मिलाकर, परीक्षा बिल की चर्चा राजनीति और आरोप-प्रत्यारोप में उलझ गई।
