क्या राहुल गांधी ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर फैलाई भ्रम? बीजेपी का जोरदार जवाब
नई दिल्ली में राजनीतिक हलचल
नई दिल्ली: कांग्रेस और इंडी गठबंधन चुनाव आयोग के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच, बीजेपी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाया है कि वह 'फॉर्म 6' को लेकर जनता में भ्रम फैला रहे हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने 6 अक्टूबर को कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने फॉर्म 6 को अवैध नहीं ठहराया है।
संबित पात्रा का गुमराह करने का आरोप
संबित पात्रा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने केवल फॉर्म 6 में किए गए संभावित परिवर्तनों की जांच पर सहमति दी है। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई जनहित याचिका के बाद फॉर्म 6 पर किए गए दावों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता ने जनता को गुमराह करने का प्रयास किया है।
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी ने यह दावा किया कि फॉर्म 6 अवैध है और इस मामले में बीजेपी का भी नाम लिया। पात्रा ने स्पष्ट किया कि अदालत ने ऐसा कोई निर्णय नहीं दिया है। कोर्ट ने याचिका में फॉर्म 6 में बदलाव के आरोपों की जांच करने की बात कही है।
फॉर्म 6 में बदलाव पर बीजेपी की स्थिति
पात्रा ने यह भी बताया कि बीजेपी ने फॉर्म 6 में किसी भी बदलाव के लिए सहमति नहीं दी है। यदि कोई परिवर्तन हुआ है, तो इसका पता सुप्रीम कोर्ट द्वारा नोटिस जारी होने और मामले की आगे की सुनवाई के बाद ही चलेगा। उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति का हवाला देते हुए कहा कि आयोग ने स्पष्ट किया है कि फॉर्म 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
कांग्रेस के चुनाव आयोग मार्च पर बीजेपी की प्रतिक्रिया
संबित पात्रा ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन के चुनाव आयोग तक प्रस्तावित मार्च पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाने और देश में अस्थिरता उत्पन्न करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कई बार चुनावी राजनीति में असफल होने के बाद अब लोकतांत्रिक संस्थाओं को निशाना बना रही है। बिहार में SIR से संबंधित आदेश को लेकर भी पात्रा ने कहा कि यह चुनाव आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी हुआ था और बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे सही ठहराया था।
