क्या संसद का विशेष सत्र होगा? सरकार ने दी स्पष्टता
नई दिल्ली में संसद सत्र की स्थिति
नई दिल्ली: मॉनसून सत्र 13 अगस्त को समाप्त होने वाला है। इस बीच, ऐसी खबरें आई थीं कि सरकार 16 से 18 अगस्त के बीच Delimitation Bill और Women's Reservation Bill पर चर्चा के लिए एक विशेष सत्र आयोजित कर सकती है। हालांकि, सरकारी सूत्रों ने बुधवार को स्पष्ट किया कि ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है।
सरकार की स्थिति
सूत्रों के अनुसार, सत्र की तारीखें बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। सरकार चाहती है कि बचे हुए बिल इसी मॉनसून सत्र में पेश किए जाएं। जब संविधान संशोधन विधेयक को पास करने के लिए आवश्यक 2/3 बहुमत प्राप्त होगा, तब विशेष सत्र बुलाने पर विचार किया जाएगा। पहले यह जानकारी थी कि केंद्र विशेष सत्र बुलाकर परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक पास कराना चाहता है।
किरन रिजिजू का खंडन
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इस मामले में स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि सत्र बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है और 16 से 18 अगस्त के बीच महिला आरक्षण और परिसीमन पर कोई विशेष सत्र नहीं होगा।
मॉनसून सत्र का विवरण
मॉनसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चल रहा है। इस दौरान सदन में कई बार गतिरोध उत्पन्न हुआ। विपक्ष ने सरकार के शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति की मांग की, जिससे कार्यवाही प्रभावित हुई।
रिजिजू की राहुल-प्रियंका से मुलाकात
संसद परिसर में गतिरोध के बीच, किरेन रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। इस बैठक में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी भी शामिल थीं। लगभग 50 मिनट तक चली इस बातचीत में रिजिजू ने विवादित परिसीमन विधेयक और उससे जुड़े कानूनी पहलुओं पर कांग्रेस का दृष्टिकोण जानने का प्रयास किया।
राज्यसभा में SC जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल पास
इसी दिन, राज्यसभा ने Supreme Court (Judges Number) Amendment Bill, 2026 को पारित किया। लोकसभा पहले ही इसे मंजूरी दे चुकी है। अब इसे संसद की अंतिम स्वीकृति मिल गई है। इस नए कानून के तहत सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 की गई है।
इसमें CJI भी शामिल हैं। यह बिल कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा पेश किया गया। यह बिल मई 2026 के अध्यादेश की जगह लेगा, जिसके जरिए पहले ही जजों की संख्या बढ़ाई गई थी। 2019 के बाद यह पहली बार है जब शीर्ष अदालत में जजों की संख्या बढ़ी है।
BJD सांसद सस्मित पात्रा ने बहस के दौरान कहा कि केवल संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। सरकार को SC का बुनियादी ढांचा भी मजबूत करना चाहिए। उन्होंने पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ का उल्लेख करते हुए 27 नए कोर्टरूम और 51 जजों के चैंबर की आवश्यकता बताई।
