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क्या सोनिया गांधी ने 'वंदे मातरम्' के गायन को रोका? कांग्रेस और भाजपा के बीच बढ़ा विवाद

आजादी की 80वीं वर्षगांठ पर कांग्रेस मुख्यालय में 'वंदे मातरम्' के गायन को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि सोनिया और राहुल गांधी ने राष्ट्रगीत को रोकने का प्रयास किया, जबकि कांग्रेस ने इसे सिरे से खारिज किया है। जानें इस राजनीतिक विवाद की पूरी कहानी और दोनों पक्षों के तर्क।
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नई दिल्ली में आजादी की 80वीं वर्षगांठ का जश्न


नई दिल्ली: आज देश अपनी आजादी की 80वीं वर्षगांठ को गर्व और धूमधाम के साथ मना रहा है। इस खास मौके पर केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 2026 में लागू होने वाले नए प्रोटोकॉल की चर्चा भी तेज हो गई है, जिसमें 'वंदे मातरम्' के सभी छह अंतरों को गाने का निर्देश दिया गया है। इसी बीच, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में ध्वजारोहण के दौरान राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के गायन को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया है कि कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने राष्ट्रगीत को बीच में रोकने का प्रयास किया, जिससे देशभक्ति के इस प्रतीक पर राजनीति गरमा गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित और निराधार बताया।


भाजपा का आरोप

भाजपा प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस मुख्यालय में 'वंदे मातरम्' गाया जा रहा था, तब सोनिया गांधी असहज हो गईं और उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से राष्ट्रगीत को रोकने के लिए कहा। आर.पी. सिंह ने यह सवाल उठाया कि सोनिया गांधी को 'वंदे मातरम्' से इतनी आपत्ति क्यों है। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी इस मुद्दे पर चुटकी लेते हुए कहा कि राष्ट्रगीत की शुरुआती पंक्तियों के गाए जाने के बाद सोनिया और राहुल गांधी ने इसे बंद करने का इशारा किया।


कांग्रेस का पलटवार

कांग्रेस ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा कि कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगीत के गायन में कोई व्यवधान नहीं आया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने स्पष्ट किया कि 'वंदे मातरम्' को लेकर पार्टी का रुख हमेशा स्पष्ट और ऐतिहासिक रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि अक्टूबर 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, मौलाना आजाद और पंडित नेहरू की उपस्थिति में यह निर्णय लिया गया था कि राष्ट्रगीत की शुरुआती पंक्तियों को ही अधिवेशनों में गाया जाएगा। यह परंपरा तब से चली आ रही है।


अशोक गहलोत ने आरोपों को निराधार बताया

भाजपा ने आरोप लगाया है कि कार्यक्रम के दौरान सोनिया और राहुल गांधी ने राष्ट्रगीत को रोकने का प्रयास किया। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कांग्रेस मुख्यालय में पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रगीत गाया गया और वहां कोई विवाद नहीं हुआ। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी भाजपा के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि 'वंदे मातरम्' के गायन को लेकर कोई विवाद नहीं है और भाजपा केवल राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर अनावश्यक राजनीतिक बयानबाजी कर माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है।