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क्या है अमित शाह का 'सेवा संकल्प अभियान' और UCC का बड़ा दावा?

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीजेपी के 'सेवा संकल्प अभियान' और समान नागरिक संहिता (UCC) के कार्यान्वयन की योजना का खुलासा किया। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा, जिसमें पार्टी संगठन विभिन्न स्तरों पर लोगों के बीच पहुंचेगा। शाह ने UCC को 2029 से पहले 21 राज्यों में लागू करने का दावा किया, साथ ही मोदी सरकार की आतंकवाद नीति और आर्थिक प्रगति पर भी चर्चा की। जानें इस अभियान का उद्देश्य और इसके पीछे की रणनीति।
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बीजेपी का विशेष अभियान


नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों की जनसेवा के उपलक्ष्य में बीजेपी एक महीने तक विशेष अभियान चलाने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह 'सेवा संकल्प अभियान' 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इस अभियान का उद्देश्य पार्टी के संगठन को राज्यों, जिलों और बूथ स्तर पर लोगों के बीच पहुंचाना है।


UCC का महत्व

अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में समान नागरिक संहिता (UCC) के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि NDA सरकार के तहत सभी 21 राज्यों में 2029 से पहले UCC लागू किया जाएगा। उनका कहना था कि इसका लक्ष्य धर्म के आधार पर भिन्न व्यक्तिगत कानूनों के स्थान पर समान कानूनी व्यवस्था प्रदान करना है, जो शादी, तलाक, संपत्ति के बंटवारे और गोद लेने जैसे मामलों में लागू होगी।



आतंकवाद पर सख्त नीति

अमित शाह ने मोदी सरकार की आतंकवाद के खिलाफ नीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदमों ने भारत की आतंकवाद नीति को स्पष्ट किया है। उनका कहना था कि अब भारत पर आतंकी हमले की स्थिति में जवाब देने की नीति पहले से अधिक सख्त है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने, नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई और पूर्वोत्तर में शांति को सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में गिनाया है।


'इंडिया फर्स्ट' का संदेश

अमित शाह ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश की राजनीति भ्रष्टाचार, जातिवाद और परिवारवाद से आगे बढ़कर विकास और कार्यकुशलता पर केंद्रित हो गई है। उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश अब विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। 'सेवा संकल्प अभियान' में NDA के सहयोगी दलों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों की भागीदारी होगी, और यह अभियान लोकसभा और विधानसभा सीटों के साथ-साथ हर पोलिंग बूथ तक पहुंचने पर केंद्रित रहेगा।