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क्या होगा संसद के मॉनसून सत्र में? जानें पीएम मोदी की अपील और प्रमुख विधेयक

संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी विपक्षी दलों से सकारात्मक रवैया अपनाने की अपील की है। इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाएंगे, जिनमें आयकर संशोधन और शिक्षा क्षेत्र में सुधार शामिल हैं। पीएम ने देश की हालिया उपलब्धियों का भी जिक्र किया और सदन में स्वस्थ बहस की आवश्यकता पर जोर दिया। जानें इस सत्र में क्या खास होने वाला है और कौन से विधेयक चर्चा में रहेंगे।
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संसद का महत्वपूर्ण मॉनसून सत्र शुरू


नई दिल्ली: संसद का महत्वपूर्ण मॉनसून सत्र आज, 20 जुलाई से आरंभ हो रहा है। इस सत्र की शुरुआत से पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया से बातचीत करते हुए इसे ऐतिहासिक और देश की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने सभी विपक्षी दलों से सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और सदन की कार्यवाही को सार्थक बनाने की अपील की।


संसद में स्वस्थ बहस की आवश्यकता

हंगामे की जगह संसद में हो स्वस्थ बहस


प्रधानमंत्री ने सदन में संभावित गतिरोधों की ओर इशारा करते हुए कहा कि जहां तर्क और तथ्य मजबूत होते हैं, वहां ऊंची आवाज उठाने की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस सत्र में सभी चर्चाएं तथ्यों पर आधारित होंगी और हर आवाज को सुनने का अवसर मिलेगा।


देश की उपलब्धियों का उल्लेख

देश की ऐतिहासिक सिद्धियों का किया जिक्र


प्रधानमंत्री ने पिछले महीने में भारत की विभिन्न क्षेत्रों में प्राप्त बड़ी उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गर्व का कारण बनी हैं। पीएम ने याद दिलाया कि पिछले साल के सत्र से पहले एक भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर थे, और हाल ही में एक स्टार्ट-अप ने अंतरिक्ष विज्ञान में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इसके अलावा, उन्होंने राजस्थान में हाल ही में स्थापित की गई बड़ी ऑयल रिफाइनरी, देश के तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट और ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन का भी उल्लेख किया।




सत्र में पेश होंगे प्रमुख विधेयक

मॉनसून सत्र में पेश होंगे ये 7 बड़े विधेयक


इस 25 दिवसीय सत्र में मोदी सरकार कई महत्वपूर्ण विधायी सुधारों को लागू करने की योजना बना रही है। इनमें आयकर संशोधन विधेयक शामिल है, जो पहले जारी किए गए सरकारी अध्यादेश का स्थान लेगा। इसके अलावा, सर्वोच्च न्यायालय संशोधन विधेयक के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या को 33 से बढ़ाकर 37 करने का प्रस्ताव है। राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम संशोधन विधेयक के जरिए 'वंदे मातरम' को कानूनी संरक्षण प्रदान किया जाएगा।


रजिस्ट्रेशन प्रक्रियाओं में सख्त जुर्माना

रजिस्ट्रेशन प्रक्रियाओं में देरी पर सख्त जुर्माना


जन्म और मृत्यु का पंजीकरण संशोधन विधेयक भी इस सत्र का हिस्सा है, जिसके तहत रजिस्ट्रेशन प्रक्रियाओं में देरी होने पर जुर्माने के प्रावधानों को सख्त किया जाएगा। MSME विकास संशोधन विधेयक लाकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को वित्तीय राहत देने और व्यापार सुगमता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। विदेशी अंशदान संशोधन विधेयक के तहत विदेशी चंदे और फंडिंग के उपयोग पर सरकार की निगरानी सख्त होगी। शिक्षा क्षेत्र में सुधार करते हुए विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक पेश किया जाएगा, जो पुरानी संस्थाओं की जगह एक एकल रेगुलेटर अथॉरिटी का गठन करेगा।


सत्र की अवधि

25 दिनों तक चलेगा सत्र


केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार, यह मॉनसून सत्र 20 जुलाई, 2026 से शुरू होकर 13 अगस्त, 2026 तक चलेगा। इस दौरान दोनों सदनों में कुल 19 बैठकें निर्धारित की गई हैं। संसदीय कार्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन बैठकों में राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सार्थक बहस होगी और देश के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।