गणेश चतुर्थी पर US राजदूत Sergio Gor का लालबागचा राजा में विशेष दौरा
US राजदूत का मुंबई दौरा
नई दिल्ली: गणेश चतुर्थी के अवसर पर, अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने मुंबई में प्रसिद्ध लालबागचा राजा के दर्शन किए। 14 सितंबर, सोमवार को पंडाल में पहुंचकर, गोर ने गणपति की प्रतिमा के चरणों को स्पर्श किया और पूजा-अर्चना की। उनके इस दौरे की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहे।
गणेशोत्सव की सराहना
लालबागचा राजा के दर्शन के बाद, सर्जियो गोर ने गणेशोत्सव के उत्साह की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस तरह की जीवंतता और उत्साह का अनुभव हर जगह नहीं मिलता। राजदूत ने पंडाल में आमंत्रित होने पर खुशी व्यक्त की और इसे अपने लिए एक सम्मान बताया।
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: US Ambassador to India, Sergio Gor, visits Lalbaugcha Raja on the occasion of Ganesh Chaturthi and offers prayers. pic.twitter.com/zEIriCNSNy
— News Media September 14, 2026
लोगों से अपील
गोर ने सभी से लालबागचा राजा के दर्शन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस स्थान की ऊर्जा को शब्दों में व्यक्त करना कठिन है और जो लोग अभी तक यहां नहीं आए हैं, उन्हें इस अनुभव को अवश्य देखना चाहिए।
गणेशोत्सव का महत्व
मुंबई में गणेशोत्सव की धूम
महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों में इस समय गणेश चतुर्थी का उत्सव मनाया जा रहा है। घरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। यह 10 दिवसीय गणेशोत्सव 14 सितंबर से शुरू होकर 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति विसर्जन के साथ समाप्त होगा।
मुंबई में गणेशोत्सव का विशेष महत्व है। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु लालबागचा राजा के दर्शन के लिए आते हैं। पंडाल में भक्तों की लंबी कतारें लगती हैं और पूरा क्षेत्र 'गणपति बप्पा मोरया' के जयकारों से गूंजता है.
लालबागचा राजा की परंपरा
1934 से जुड़ी है परंपरा
लालबागचा राजा केवल एक प्रसिद्ध गणपति प्रतिमा के रूप में नहीं जाना जाता, बल्कि इसकी भव्य सजावट और अद्वितीय शिल्पकला इसे मुंबई के सबसे प्रसिद्ध गणेश पंडालों में से एक बनाती है। यह मुंबई की धार्मिक आस्था और उत्सव की परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल की स्थापना 1934 में पुतलाबाई चॉल में हुई थी। तब से यह मंडल शहर के गणेशोत्सव का एक महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है।
प्रतिमा के निर्माण और देखरेख की जिम्मेदारी कांबली परिवार पिछले आठ दशकों से निभा रहा है। गणेश चतुर्थी को विनायक चतुर्थी या विनायक चविथि भी कहा जाता है। यह पर्व भाद्रपद महीने के चौथे दिन शुरू होता है और अनंत चतुर्दशी पर समाप्त होता है। भगवान गणेश को नए कार्यों की शुरुआत, बुद्धि और ज्ञान के देवता तथा बाधाओं को दूर करने वाले देव के रूप में पूजा जाता है।
