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गाजियाबाद में बेटे ने पिता की हत्या की, संपत्ति विवाद बना कारण

गाजियाबाद के मोदीनगर में एक बेटे ने संपत्ति विवाद के चलते अपने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना तब हुई जब आरोपी निखिल शराब के नशे में घर आया और अपने पिता से जमीन अपने नाम करने की मांग की। जब पिता ने इनकार किया, तो विवाद बढ़ गया और निखिल ने पिस्टल से फायरिंग कर दी। हरिओम चौधरी की संपत्ति लगभग 150 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।
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गाजियाबाद में दिल दहला देने वाली घटना

गाजियाबाद : मोदीनगर क्षेत्र में बुधवार रात एक चौंकाने वाली घटना हुई। बुदाना गांव में एक बेटे ने अपने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी, जो कि जमीन और संपत्ति के विवाद से जुड़ी थी। बताया गया है कि आरोपी निखिल शराब के नशे में घर आया और अपने पिता पर पूरी संपत्ति अपने नाम करने का दबाव बनाने लगा। जब पिता ने इनकार किया, तो विवाद इतना बढ़ गया कि निखिल ने पिस्टल निकालकर फायरिंग कर दी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया है, और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।


पिता और बेटे के बीच संपत्ति का विवाद

पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान 52 वर्षीय हरिओम चौधरी के रूप में हुई है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि बुधवार रात हरिओम अपनी पत्नी और छोटे बेटे के साथ भोजन कर रहे थे, तभी बड़ा बेटा निखिल शराब के प्रभाव में घर आया। उसने पिता से जमीन अपने नाम करने की मांग की, जिस पर हरिओम ने विरोध किया। इसके बाद दोनों के बीच बहस शुरू हो गई।


गोलियों की तड़तड़ाहट से मच गया हड़कंप

विवाद बढ़ने पर निखिल ने अपनी पिस्टल निकालकर पिता पर एक के बाद एक 6 गोलियां चला दीं। गोलियों की आवाज सुनकर परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक हरिओम गंभीर रूप से घायल हो चुके थे। आरोपी ने घटना के बाद वहां से भाग निकला।


हरिओम की संपत्ति का मूल्य

हरिओम चौधरी इलाके के प्रमुख किसानों में से एक थे, जिनके पास लगभग 75 बीघा जमीन थी। इसके अलावा, दिल्ली-मेरठ रोड पर उनकी एक व्यावसायिक मार्केट भी है। पुलिस के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति लगभग 150 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। परिवार में उनकी पत्नी मीनाक्षी, बड़ा बेटा निखिल और छोटा बेटा नीशू शामिल हैं।


निखिल को पहले ही मिली थी संपत्ति

जांच में यह भी पता चला है कि निखिल को पहले से ही 25 बीघा जमीन और मार्केट में कई दुकानें दी जा चुकी थीं। इसके बावजूद, वह बाकी संपत्ति भी अपने नाम कराने का दबाव बना रहा था। परिवार के सदस्यों का कहना है कि हरिओम अपने बेटे की शराब की लत से परेशान थे और उन्हें डर था कि निखिल जमीन बेच देगा, इसलिए उन्होंने संपत्ति उसके नाम करने से इनकार कर दिया था।


पुलिस की जांच और कार्रवाई

पुलिस ने यह भी बताया कि निखिल का हिंसक व्यवहार नया नहीं है। 2018 में उसने अपने छोटे भाई नीशू पर भी गोली चलाई थी। पुलिस अब उस मामले की जानकारी भी जुटा रही है। मृतक की पत्नी मीनाक्षी ने निखिल के खिलाफ मोदीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में जमीन के विवाद और आरोपी की शराब की लत की बात सामने आई है। आरोपी अभी भी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए चार पुलिस टीमें बनाई गई हैं। पुलिस मामले की हर पहलू की जांच कर रही है।