Newzfatafatlogo

गुरुग्राम में अवैध हथियारों के साथ तीन युवकों की गिरफ्तारी

गुरुग्राम पुलिस ने अवैध हथियारों के साथ तीन युवकों को गिरफ्तार किया है, जो दिल्ली में आपराधिक गतिविधियों की योजना बना रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से विदेशी निर्मित पिस्टल और कारतूस बरामद किए हैं। जांच में पता चला है कि ये आरोपी रंगदारी के लिए रेकी कर रहे थे और उनके संपर्क विदेश में बैठे साथियों से भी थे। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है।
 | 

गुरुग्राम में हथियारों का नेटवर्क ध्वस्त


गुरुग्राम पुलिस की कार्रवाई: गुरुग्राम की अपराध शाखा ने अवैध हथियारों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से दो विदेशी निर्मित पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस का दावा है कि ये आरोपी रंगदारी के लिए रेकी कर रहे थे और दिल्ली में किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। वर्तमान में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।


गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान अभय उर्फ मौलड़ (20), जतिन उर्फ जोनी (29) और सागर के रूप में हुई है। अभय और सागर गुरुग्राम के खेड़ा झांझरोला गांव के निवासी हैं, जबकि जतिन सोनीपत का रहने वाला है। क्राइम ब्रांच की टीम ने अभय को गढ़ी फ्लाईओवर, न्यू पटौदी-गुरुग्राम रोड के पास से पकड़ा। जतिन को फरुखनगर से गिरफ्तार किया गया, जबकि सागर को केएमपी, फरुखनगर क्षेत्र से पकड़ा गया।


पुलिस ने आरोपियों के पास से दो PX पिस्टल, जो कि चीन में निर्मित बताई जा रही हैं, और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इस मामले में गुरुग्राम के सेक्टर-10 थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पूछताछ में यह सामने आया है कि अभय को हथियार जतिन ने दिए थे, जो अपने अन्य साथियों से प्राप्त किए थे। अब जांच एजेंसियां इन हथियारों के स्रोत और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही हैं।


इस कार्रवाई के दौरान, सागर ने पुलिस से बचने के प्रयास में फ्लाईओवर से कूदने की कोशिश की, जिससे उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया। पुलिस के अनुसार, उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डिस्चार्ज होने के बाद उसे गिरफ्तार किया जाएगा। पूछताछ में यह भी पता चला है कि आरोपी अन्य साथियों के संपर्क में थे और उनके निर्देश पर रंगदारी के लिए रेकी कर रहे थे। पुलिस का दावा है कि आरोपियों के संपर्क विदेश में बैठे साथियों से भी थे। इस आपराधिक नेटवर्क की जांच अभी जारी है।