गोरखपुर में मुठभेड़ में मारा गया एक लाख का इनामी अपराधी
गोरखपुर में हुई मुठभेड़
गोरखपुर : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में सोमवार रात एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी अपराधी मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू को मार गिराया। इस घटना में मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह भी घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के अनुसार, रात करीब 11 बजे रामनगर करजहा क्षेत्र में चेकिंग के दौरान मुस्तफिजुल का सामना पुलिस से हुआ। जब उसने भागने की कोशिश की, तो पुलिस ने उसका पीछा किया। मुस्तफिजुल ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें महेंद्र सिंह घायल हो गए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मुस्तफिजुल के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे पकड़ लिया गया।
दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां मुस्तफिजुल की देर रात मौत हो गई। पुलिस ने मौके से एक 32 बोर की पिस्टल, एक बाइक और कई खोखे और कारतूस बरामद किए। मुस्तफिजुल पर कई राज्यों में हत्या और गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं। वह 2024 में महाराष्ट्र पुलिस की हिरासत से भी भागने में सफल रहा था।
मुस्तफिजुल के खिलाफ दर्ज मामले
मुस्तफिजुल पर कई राज्यों में गंभीर मुकदमे दर्ज हैं
रामनगर करजहा में मुठभेड़ के दौरान पकड़े गए मुस्तफिजुल पर कई गंभीर आपराधिक मामले हैं। पुलिस के अनुसार, उसका पहला मामला 2003 में आजमगढ़ के मेहनगर थाने में चोरी के आरोप में दर्ज हुआ था। इसके बाद 2008 में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया। 2011 में वह एक अन्य हत्या के प्रयास के मामले में नामजद हुआ और तब से फरार था। 2012 में उसके खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद उसकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी की गई।
2021 में हत्या के एक मामले में एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। उसी वर्ष उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 174-ए और धारा 506 के तहत भी मामले दर्ज हुए।
