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चिदंबरम का पीएम मोदी के बयान पर तीखा जवाब: 'मुझे दिमागी नक्सली होने पर गर्व'

पी. चिदंबरम ने पीएम मोदी के दिमागी नक्सलियों वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने गर्व से कहा कि वे दिमागी नक्सली हैं। कांग्रेस ने भी मोदी के बयान को खोखला बताया है। जयराम रमेश ने जाति जनगणना पर कांग्रेस के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि पहले इसे नकारा गया था, लेकिन अब इसे स्वीकार किया गया है। पीएम मोदी ने नक्सलवाद के प्रभाव पर भी चिंता जताई है। जानें इस राजनीतिक बहस के पीछे की पूरी कहानी।
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पीएम मोदी का बयान और चिदंबरम की प्रतिक्रिया


15 अगस्त को लाल किले से अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि देश को दिमागी नक्सलियों से बचाना आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से ऐसे लोगों की पहचान करने और उन्हें अलग करने की अपील की। इसके एक दिन बाद, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने इस पर प्रतिक्रिया दी, कहकर कि उन्हें दिमागी नक्सली होने पर गर्व है। कांग्रेस ने भी मोदी के बयान को खोखला बताया।


जाति जनगणना पर कांग्रेस का रुख

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि पहले जाति जनगणना की मांग को अर्बन नक्सल सोच बताकर खारिज किया गया था, लेकिन अब एक साल पहले इसकी घोषणा की गई। उन्होंने यह भी कहा कि पहले विरोधियों की मांगों को अपमानजनक नाम दिए जाते हैं, और बाद में उन्हीं मांगों को स्वीकार कर लिया जाता है।


नक्सलवाद का प्रभाव

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि माओवादी सोच वाले लोगों ने वर्षों तक सत्ता में अपनी जगह बनाई थी। उन्होंने सरकारी नीतियों को प्रभावित किया और इस चुनौती को कम करके नहीं आंकना चाहिए। दशकों से नक्सलवाद और माओवादी हिंसा ने लाखों युवाओं की जिंदगी और उनके सपनों को बर्बाद किया है।


राजनीतिक बयानबाजी का बढ़ता ताप

जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें एंटायर पॉलिटिकल साइंस में मास्टर एब्यूजर कहा जाता है। चिदंबरम के जवाब और मोदी के बयान के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।