चीन में तिब्बती संस्कृति पर हमले का नया दौर
चीन के हैनान तिब्बती स्वायत्त प्रांत में अधिकारियों द्वारा तिब्बती धार्मिक प्रतीकों और सांस्कृतिक परंपराओं पर हमले की एक नई लहर शुरू की गई है। इस अभियान के तहत तिब्बती बौद्ध धर्म के महत्वपूर्ण प्रतीकों को नष्ट किया जा रहा है, और स्थानीय सरकारी कर्मचारियों की छंटनी की जा रही है। स्थानीय निवासियों में डर और निराशा का माहौल है, जिससे तिब्बती संस्कृति पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। जानिए इस स्थिति के पीछे के कारण और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया।
| Jun 17, 2026, 19:33 IST
तिब्बती संस्कृति पर चीनी अधिकारियों का बड़ा हमला
चीनी सरकार ने हैनान तिब्बती स्वायत्त प्रांत में एक व्यापक अभियान की शुरुआत की है, जिसमें तिब्बती धार्मिक प्रतीकों, सांस्कृतिक परंपराओं और स्थानीय सरकारी अधिकारियों को निशाना बनाया जा रहा है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह कदम तिब्बतियों को चीनी राज्य के ढांचे में समाहित करने की एक तेज़ कोशिश है। तिब्बत टाइम्स के अनुसार, अप्रैल 2026 में चीनी अधिकारी श्योंग युआनलाई की इस प्रांत के कम्युनिस्ट पार्टी सचिव के रूप में नियुक्ति के बाद से यह कार्रवाई और भी तेज़ हो गई है। इसके बाद, अधिकारियों ने चाबचा, त्रिका, मांगरा, बा और ड्रैगकर जैसे क्षेत्रों में कई कदम उठाए हैं, जिससे स्थानीय तिब्बतियों में भारी चिंता और बेचैनी उत्पन्न हुई है। सूत्रों के अनुसार, तिब्बती बौद्ध धर्म के महत्वपूर्ण प्रतीक माने जाने वाले सैकड़ों 'मणि पत्थर के ढेर' को जानबूझकर नष्ट कर दिया गया है और उन्हें जमीन में दबा दिया गया है。
अधिकारियों का तर्क और स्थानीय प्रतिक्रिया
खबरों के अनुसार, अधिकारियों ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की जातीय नीतियों को बढ़ावा देने और धार्मिक परंपराओं पर राज्य के अधिकार को सही ठहराने के लिए इस अभियान को औचित्य प्रदान किया है। एक सूत्र ने बताया कि इस क्षेत्र में 90 प्रतिशत से अधिक 'मणि पत्थर' के ढांचे पहले ही हटा दिए गए हैं। यह सख्ती अब निजी आवासों तक भी पहुँच गई है। कई समुदायों में प्रार्थना वाले झंडे, विंड-हॉर्स झंडे और दरवाज़ों पर लगे पारंपरिक बैनर को हटा कर जला दिया गया है। आरोप है कि स्थानीय निवासियों को अपनी छतों पर चीन का राष्ट्रीय झंडा लगाने के लिए मजबूर किया गया है, जिससे इलाके के पुराने धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीक समाप्त हो गए हैं।
सरकारी कर्मचारियों की छंटनी और स्थानीय स्थिति
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कई तिब्बती सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है, यह कहते हुए कि सरकारी दफ्तरों में तिब्बतियों की संख्या अधिक है। 'तिब्बत टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, कई पदों पर चीनी मूल के अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। एक स्थानीय निवासी ने वहाँ के माहौल को डर और निराशा से भरा बताया। उन्होंने कहा कि नए पार्टी सचिव के आने के बाद से लोगों को लगता है कि वे सरकारी आदेशों का विरोध नहीं कर सकते। उस व्यक्ति ने मौजूदा हालात की तुलना 1950 के दशक के अंत में हुए दमन से की, जिसे कई तिब्बती लोग भारी राजनीतिक उथल-पुथल और सरकारी नियंत्रण के समय के रूप में याद करते हैं। यह जानकारी 'तिब्बत टाइम्स' ने दी है।
