चुनाव आयोग ने नई श्रेणी में 84 हजार नाम काटे, विवाद बढ़ा
चुनाव आयोग की नई कार्रवाई
चुनाव आयोग ने एक बार फिर से सभी को चौंका दिया है। हाल ही में, पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के एसआईआर के दौरान, आयोग ने 'तार्किक विसंगति' की एक नई श्रेणी बनाई थी। पहले चरण में मृत, स्थानांतरित या फर्जी मतदाताओं के नाम हटाए गए थे, जिसमें कुल 63 लाख से अधिक नाम शामिल थे। इसके बाद, 'तार्किक विसंगति' के तहत 27 लाख से ज्यादा नाम भी काटे गए, जिनका मामला अब न्यायाधिकरण में चल रहा है।
अब तीसरे चरण में, चुनाव आयोग ने दो राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में 'अन्य' की एक नई श्रेणी बनाई है, जिसमें 84 हजार नाम काटे गए हैं। यह प्रक्रिया 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही है। ओडिशा, उत्तराखंड और दादर व नागर हवेली में इस नई श्रेणी में नाम काटे गए हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि किस आधार पर नामों को इस श्रेणी में डाला गया है। मृत, स्थानांतरित और फर्जी मतदाताओं के नामों के अलावा ये नाम शामिल हैं। चुनाव आयोग ने इस पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है।
