छात्रों के आंदोलन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी का बड़ा बयान
छात्रों का आंदोलन समाप्त, लेकिन चिंताएं बनीं
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के आंदोलन का समापन उनकी मांगों के पूरा होने के बाद हुआ है। इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास ने एक गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि असम, पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे राज्यों में विभिन्न सरकारी एजेंसियां छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों को निशाना बना रही हैं, उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है या गिरफ्तार किया जा रहा है। इस स्थिति को लेकर पार्टी बेहद चिंतित है।
सौरभ दास ने बताया कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' ने अपना देशव्यापी विरोध तब समाप्त किया जब भारत सरकार ने आश्वासन दिया कि किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ, चाहे वह बीजेपी या एनडीए शासित राज्य में हो, कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस प्रकार की खबरें चिंताजनक हैं।
उन्होंने आगे कहा, 'हम सभी प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि हमारी कानूनी टीम, संबंधित राज्यों के प्रमुख वकीलों के साथ मिलकर, हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है। यह प्रक्रिया पहले दिन से ही जारी है।'
दास ने भारत सरकार, विशेषकर जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह से अपील की कि वे अपने दिए गए आश्वासन का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई सुनिश्चित की जानी चाहिए और किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई दमनात्मक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। साथ ही, दर्ज की गई FIR भी वापस ली जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि सरकार ने 28 जुलाई 2026 तक इस मामले में लिखित गारंटी देने का वादा किया था।
सौरभ दास ने कहा कि देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन को रोकने का निर्णय सरकार के भरोसे पर लिया गया था। यदि सरकार अपने वादे से पीछे हटती है, तो यह न केवल 'कॉकरोच जनता पार्टी' के साथ विश्वासघात होगा, बल्कि उन लाखों युवाओं के विश्वास को भी तोड़ देगा जिन्होंने बातचीत का रास्ता चुना। युवाओं के लिए ऐसा विश्वासघात अस्वीकार्य है।
उन्होंने कहा कि सरकार की विश्वसनीयता केवल वादे करने से नहीं, बल्कि उन्हें पूरा करने से बनती है। युवा प्रदर्शनकारियों से उन्होंने धैर्य रखने की अपील की और कहा कि CJP स्थिति पर नजर रखे हुए है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत सरकार और सभी बीजेपी/एनडीए राज्य सरकारें मौजूदा हालात के अनुसार जिम्मेदारी से कार्य करेंगी। हमारी मांग है कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों को तुरंत रिहा किया जाए और सभी FIR वापस ली जाएं। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो हम आवश्यक कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे।
