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जंतर-मंतर पर अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकने की घटना ने बढ़ाई तनाव की स्थिति

दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को अभिजीत दीपके पर एक महिला द्वारा स्याही फेंकने की घटना ने प्रदर्शन के माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। इस घटना के बाद अभिजीत दीपके ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा की। प्रदर्शनकारी NEET परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और इसके राजनीतिक प्रभाव।
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दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान तनावपूर्ण स्थिति


नई दिल्ली: शनिवार को जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके पर एक महिला ने स्याही फेंक दी। उनके समर्थकों का कहना है कि महिला ने दीपके को थप्पड़ मारने की भी कोशिश की। इस घटना के तुरंत बाद वहां अफरा-तफरी मच गई और उपस्थित लोगों ने महिला को पकड़ लिया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है।


घटना का विवरण

जानकारी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब अभिजीत दीपके अपने समर्थकों और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रहे थे। अचानक एक महिला उनके पास आई और उन पर स्याही फेंक दी। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और महिला को पकड़ लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला ने दीपके को थप्पड़ मारने की कोशिश की, लेकिन इससे पहले कि वह सफल होती, वहां के वॉलंटियर्स और समर्थकों ने उसे रोक लिया। इस घटना के बाद कुछ समय के लिए प्रदर्शन स्थल पर तनाव का माहौल बन गया।




सोनम वांगचुक की अस्पताल में भर्ती

शनिवार सुबह से ही जंतर-मंतर पर हलचल बनी हुई थी। सबसे पहले, दिल्ली पुलिस ने लंबे समय से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद आंदोलन से जुड़े लोगों में नाराजगी बढ़ गई। इसी बीच, अभिजीत दीपके ने घोषणा की कि वह भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे। इसके कुछ समय बाद ही उन पर स्याही फेंकने की घटना हुई, जिससे आंदोलन का माहौल और गर्मा गया।


अभिजीत दीपके का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद, अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपने अनिश्चितकालीन अनशन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा और उनकी भूख हड़ताल तुरंत प्रभाव से शुरू हो गई है। इस दौरान जंतर-मंतर पर कई अन्य छात्र संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल रहे। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) से जुड़े कुछ कार्यकर्ता भी अपनी भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं।


पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और कुछ समय के लिए हिरासत में भी लिया। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों का खंडन किया और कहा कि पूरी कार्रवाई अदालत के निर्देशों और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई। पुलिस का कहना है कि सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। साथ ही, प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील भी की गई।


आंदोलन का मुद्दा

जंतर-मंतर पर यह आंदोलन NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और इससे जुड़े विवादों को लेकर चल रहा है। आंदोलनकारी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और छात्रों के हितों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। सोनम वांगचुक 28 जून से इस आंदोलन के समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठे थे। उनके अस्पताल में भर्ती होने के बाद, अभिजीत दीपके ने आंदोलन की कमान संभालते हुए अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया। इस बीच, उन पर स्याही फेंके जाने की घटना ने पूरे विरोध प्रदर्शन को नया मोड़ दे दिया। अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।