जम्मू-कश्मीर में बारिश से आई बाढ़, 23 लोगों की मौत
जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश का कहर
श्रीनगर: सोमवार की सुबह जम्मू-कश्मीर में हुई मूसलधार बारिश ने कई क्षेत्रों में तबाही मचा दी। श्रीनगर का प्रसिद्ध लाल चौक और अन्य इलाके जलमग्न हो गए हैं। अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण अब तक 23 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई लोग लापता हैं। लगातार खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। बारिश ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस स्थिति को देखते हुए श्री अमरनाथ यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इस समय दिल्ली में हैं, जबकि प्रशासन राहत और बचाव कार्यों को तेज करने में जुटा है ताकि प्रभावित लोगों को शीघ्र सहायता मिल सके।
लाल चौक में जलभराव की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल
अनुच्छेद 370 के हटने के बाद श्रीनगर का लाल चौक और घंटाघर क्षेत्र पर्यटन का केंद्र बन गया था। अब वहां जलभराव की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही हैं। शहर के कई हिस्सों में सड़कें पानी में डूबी हुई हैं। जलभराव के कारण स्मार्ट सिटी परियोजना पर सवाल उठने लगे हैं। नागरिकों का कहना है कि बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था अपेक्षित रूप से कार्य नहीं कर सकी।
ड्रेनेज सिस्टम पर उठे सवाल, निगम ने दी सफाई
श्रीनगर नगर निगम ने बताया कि दो घंटे की तेज बारिश के कारण ड्रेनेज सिस्टम ओवरफ्लो हो गया। प्रभावित क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए पंप लगाए गए हैं। निगम का कहना है कि अप्रैल 2017 में शुरू हुए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत सभी स्वीकृत कार्य पूरे किए जा चुके हैं। वहीं, कंजर्वेशन आर्किटेक्ट हाकिम समीर हमदानी ने शहर में वर्षा जल प्रबंधन और भूजल रिचार्ज की उचित व्यवस्था की कमी की बात कही है।
मुख्यमंत्री ने बाहरी ऑडिट का दिया निर्देश
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि थोड़ी बारिश में लाल चौक सहित शहर का बड़ा हिस्सा डूब जाना ड्रेनेज व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सरकार जानना चाहती है कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत अब तक क्या हासिल हुआ है। कैबिनेट ने परियोजना से जुड़े ठेकों और कार्यों की जांच के लिए बाहरी ऑडिट कराने के आदेश दिए हैं। इससे पहले लोकसभा में बताया गया था कि श्रीनगर में 3,634 करोड़ रुपये की लागत से 161 स्मार्ट सिटी परियोजनाएं पूरी की जानी थीं।
अमरनाथ यात्रा रुकी, स्कूलों की छुट्टियां बढ़ीं
खराब मौसम और बाढ़ के खतरे को देखते हुए बालटाल और पहलगाम, दोनों मार्गों से श्री अमरनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। सरकार ने जम्मू-कश्मीर में स्कूलों की छुट्टियां 23 जुलाई तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर रख रहा है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील कर रहा है।
तीन दिन और भारी बारिश का अलर्ट, राहत अभियान जारी
भारत मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक मुख्तार अहमद ने अगले तीन दिनों तक कश्मीर में व्यापक बारिश की संभावना जताई है। उन्होंने भूस्खलन और फ्लैश फ्लड के खतरे को देखते हुए लोगों को नदियों, नालों और पहाड़ी ढलानों से दूर रहने की सलाह दी है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने राजौरी, पुंछ समेत प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा की है। NDRF, SDRF, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में लगी हैं। कई सड़कों को फिर से खोल दिया गया है और प्रभावित क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति बहाल करने का काम जारी है।
