जयराम रमेश का आरोप: राम मंदिर ट्रस्ट में चंदा चोरी का बड़ा घोटाला
राम मंदिर ट्रस्ट पर गंभीर आरोप
नई दिल्ली। कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने हाल ही में एक साक्षात्कार में कहा कि बीजेपी-आरएसएस ने राम मंदिर से संबंधित एक ट्रस्ट का गठन किया था, जिसकी जानकारी प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस ट्रस्ट के माध्यम से चंदा चोरी की गई और राम के नाम पर बड़ा घोटाला हुआ। रमेश ने अपने सहयोगी प्रमोद तिवारी के संसद में कहे गए शब्दों को याद किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि 'हम राम के पुजारी हैं, जबकि बीजेपी के लोग राम के व्यापारी हैं।'
मोदी की चुप्पी पर सवाल
जयराम रमेश ने कहा कि राम के नाम पर धोखा हुआ है और चंदा चोरी की गई है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी इस पर चुप हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी चीन के मुद्दे पर हमेशा बोलते हैं, लेकिन इस गंभीर मामले पर उनकी चुप्पी चिंताजनक है। रमेश ने मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री से जुड़े भूमि घोटाले और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार पर भी मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाया। सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश में 1,200 करोड़ के भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई जांच की बात कही थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
राहुल गांधी की स्पष्टता
उन्होंने राहुल गांधी की नीयत को स्पष्ट बताया और कहा कि गांधी हमेशा कहते हैं कि यह विचारधारा की लड़ाई है। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भी उन्होंने संविधान की रक्षा, सामाजिक न्याय और आर्थिक विषमता को समाप्त करने की बात की। रमेश ने कहा कि राहुल गांधी सीधे बीजेपी सरकार से सवाल पूछते हैं और उनके पास कोई दोहरा मापदंड नहीं है।
चुनाव आयोग पर आरोप
जयराम रमेश ने कहा कि बीजेपी को 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद चुनाव आयोग के रूप में एक नया घटक दल मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में 27 लाख लोगों को वोटर लिस्ट से हटा दिया गया, जो वोट चोरी का एक उदाहरण है। हरियाणा, महाराष्ट्र और बिहार के चुनावों में भी इसी तरह की धांधली हुई है। अगर वोट चोरी नहीं होती, तो बिहार और महाराष्ट्र में कांग्रेस का गठबंधन सरकार बनाता।
