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जयवीर सिंह का अखिलेश यादव पर तीखा हमला, कहा- सपा को नहीं मिलेगा जनादेश

उत्तर प्रदेश के मंत्री जयवीर सिंह ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के कार्यकाल पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि जब तक लोग यादव के कार्यकाल को याद करेंगे, तब तक सपा को राज्य में सरकार बनाने का जनादेश नहीं मिलेगा। मंत्री ने यादव के कार्यकाल को 'दंगा प्रदेश' और 'अपराधियों का गढ़' बताया। इसके अलावा, उन्होंने हज कमेटी की जमीन में गड़बड़ी के मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई का समर्थन किया। जयवीर सिंह ने 'नीम करौली बाबा सर्किट' के विकास की भी जानकारी दी।
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उत्तर प्रदेश में सपा प्रमुख पर मंत्री का पलटवार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री जयवीर सिंह ने समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के आरोपों का जवाब दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक लोग अखिलेश यादव के कार्यकाल को याद करेंगे, तब तक सपा को राज्य में सरकार बनाने का जनादेश नहीं मिलेगा।


जयवीर सिंह ने एक मीडिया चैनल से बातचीत में कहा, "अगर अखिलेश यादव अपने कार्यकाल 2012 से 2017 की ओर देखें, तो उन्हें खुद पर शर्म आएगी। उस समय 'देख सपाई बिटिया घबराई' जैसी स्थिति थी। उनकी सरकार में जाति और संप्रदाय विशेष को बढ़ावा दिया गया, जिससे हालात बेहद खराब हो गए। उस समय उत्तर प्रदेश 'दंगा प्रदेश' और अपराधियों का गढ़ बन गया था।"


उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान सरकार 'एक जिला एक उत्पाद' जैसी योजनाएं चला रही है, जबकि अखिलेश यादव के कार्यकाल में 'एक जिला एक माफिया' का शासन था। जयवीर सिंह ने दोहराया कि जब तक अखिलेश यादव का कार्यकाल लोगों के मन में रहेगा, तब तक सपा को जनादेश नहीं मिलेगा।


इससे पहले, बुलंदशहर में एक कार्यक्रम रद्द होने के बाद, अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि उन्हें रैली की अनुमति नहीं दी गई।


वहीं, हज कमेटी की जमीन में गड़बड़ी के मामले में आजम खान सहित पांच लोगों पर मुकदमा होने पर जयवीर सिंह ने कहा, "जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। इसमें सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है। यदि कानून का उल्लंघन हुआ है, तो संबंधित एजेंसियां अपनी कार्रवाई करेंगी।"


उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने 'नीम करौली बाबा सर्किट' का आधिकारिक उद्घाटन किया है। इस पर मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, "लखनऊ के हनुमान सेतु मंदिर से लेकर फिरोजाबाद के अकबरपुर में उनके जन्मस्थान, फर्रुखाबाद में नीब करौरी बाबा आश्रम और वृंदावन में समाधि स्थल तक, ये सभी स्थान आध्यात्मिकता और सामाजिक मूल्यों के केंद्र हैं। हमारी सरकार इन स्थानों को विकसित करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है।"