जौहर यूनिवर्सिटी मामले में सपा के पूर्व सांसद का बयान
मुरादाबाद में जौहर यूनिवर्सिटी पर विवाद
मुरादाबाद :- जब से रामपुर प्रशासन ने जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने का आदेश दिया है, तब से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए मोर्चा संभाल लिया है। हाल ही में मुरादाबाद में एक मंच से ओवैसी ने इस मामले में अखिलेश यादव पर तीखा हमला किया। सपा के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने अखिलेश यादव का बचाव करते हुए आजम खान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आजम खान सपा सरकार के चार मुख्यमंत्रियों में से एक थे और उनके कार्यकाल में इन भवनों का नक्शा पास हो गया था। अखिलेश यादव को यह नहीं पता कि यूनिवर्सिटी के भवनों का नक्शा पास है या नहीं।
ओवैसी के बयान के बाद डॉ. एसटी हसन ने भी जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि "जो व्यक्ति अपना भवन बनाता है, यदि उसे कोई समस्या होती है, तो वह खुद जाकर अनुरोध करता है कि इसे कानूनी मान्यता दी जाए। आजम खान ने यूनिवर्सिटी बनाई थी, उस समय यूपी में चार मुख्यमंत्री थे, जिनमें से एक आजम खान भी थे। उन्होंने उस समय इन भवनों को कानून के तहत मान्यता दिलाई थी। यह तो निर्माण करने वाले की जिम्मेदारी होती है। अखिलेश यादव को नहीं पता कि यूनिवर्सिटी में बने भवनों का नक्शा पास है या नहीं। यह तो जिम्मेदारी बनाने वाले की थी, उन्हें जानकारी देनी चाहिए थी। वह खुद इतने ताकतवर थे कि यह काम खुद करवा लेते। उन्हें यह अहसास नहीं था कि यह मामला इतना गंभीर हो जाएगा।"
सुशील कुमार सिंह
मुरादाबाद
