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झारखंड में छात्र आंदोलन: कांग्रेस की चुप्पी पर BJP का हमला

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का विरोध तेज हो गया है, लेकिन कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है। BJP ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की खामोशी पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया है। JMM ने छात्रों की 98 प्रतिशत मांगें मानने का दावा किया है, जबकि छात्र अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं। इस राजनीतिक टकराव में सभी दल एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं।
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छात्रों का विरोध और कांग्रेस की उलझन


रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का विरोध बढ़ता जा रहा है, लेकिन कांग्रेस इस मामले में स्पष्ट स्थिति नहीं ले पा रही है। सोमवार को पार्टी ने इस आंदोलन पर लगभग चुप्पी साधी, जबकि NEET पेपर लीक के मुद्दे पर वह केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर है। BJP ने कांग्रेस के इस दोहरे रवैये पर निशाना साधा है।


BJP का राहुल-प्रियंका पर हमला

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने झारखंड के छात्र आंदोलन पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। न ही उन्होंने गड़बड़ी के लिए किसी प्रकार की जवाबदेही की मांग की है। BJP ने इसे मुद्दा बना लिया है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस अब "चुनिंदा मुद्दों पर बोलने वाली" पार्टी बन गई है।


उन्होंने कहा, "झारखंड, पंजाब और कर्नाटक में पेपर लीक पर कांग्रेस चुप है। राहुल प्रयागराज जाकर हंगामा करते हैं। देश की जनता सब देख रही है। अमित शाह कौन हैं ये लोग जानते हैं। राहुल गांधी से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है।" उन्होंने कांग्रेस को लोकतंत्र का दुश्मन तक कह दिया और आरोप लगाया कि JMM के साथ गठबंधन के कारण कांग्रेस झारखंड में बोलने से बच रही है।


BJP का दोहरा रवैया आरोप

BJP के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने भी कांग्रेस पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में छात्र आंदोलन को हाईजैक करने वाले नेता अब झारखंड में छात्रों की आवाज सुनने के लिए समय नहीं निकाल पा रहे हैं। चुघ ने कहा, "कारण स्पष्ट है। झारखंड में सरकार आपकी है। इसलिए एक शब्द नहीं बोल रहे। राज्य सरकार को छात्रों की मांगें माननी चाहिए।"


JMM का स्पष्टीकरण

इन आरोपों पर कांग्रेस ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं, गठबंधन सहयोगी JMM ने सफाई दी है। JMM सांसद महुआ माजी ने कहा कि छात्रों की 98 प्रतिशत मांगें पहले ही मान ली गई हैं और प्रदर्शनकारियों ने इसे स्वीकार भी किया है।


उन्होंने बताया कि CID जांच कर रही है और सरकार ने फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए 90 दिन में मामला निपटाने का निर्देश दिया है। माजी ने कहा, "कोर्ट के आदेश के बिना परीक्षा रद्द करना सरकार के हाथ में नहीं है। JPSC को लेकर पहले ही रियायतें दी जा चुकी हैं। BJP के समय पहली और दूसरी JPSC में बड़े पैमाने पर पेपर लीक और गड़बड़ियां हुई थीं।"


राजनीति और छात्रों के बीच टकराव

NEET के मुद्दे पर केंद्र को घेरने वाली कांग्रेस जब अपने शासित राज्य में इसी तरह के विरोध का सामना कर रही है, तो उसकी चुप्पी सवालों के घेरे में है। BJP इसे गठबंधन धर्म बता रही है। दूसरी ओर, JMM का कहना है कि कार्रवाई हो रही है। फिलहाल, झारखंड के छात्र अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं और राजनीतिक दल एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं।