झारखंड में भाजपा विधायकों का होटल में शिफ्ट होना: एक नई रणनीति
भाजपा की नई रणनीति
आम तौर पर, कांग्रेस और अन्य भाजपा-विरोधी दलों के सांसदों को छिपाने की आवश्यकता होती है, क्योंकि हर पार्टी में 'बिकने' वाले होते हैं, और 'खरीदार' केवल भाजपा है। अक्सर, भाजपा-विरोधी दलों के विधायक ही पाला बदलते हैं और क्रॉस वोटिंग करते हैं, और यह हमेशा भाजपा के पक्ष में होता है। हाल ही में, झारखंड में भाजपा के विधायकों को एक होटल में स्थानांतरित किया गया, जो एक अनोखी स्थिति है। यह पहली बार है कि राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग को रोकने के लिए भाजपा को अपने विधायकों को एकत्रित करने की आवश्यकता पड़ी है।
झारखंड विधानसभा की स्थिति और भाजपा द्वारा समर्थित उम्मीदवार को देखते हुए, सामान्यतः विपक्षी दलों को छिपाने की आवश्यकता होती है। लेकिन इस बार भाजपा ने अपने विधायकों को होटल में शिफ्ट किया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद पांडेय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि अब 56 नहीं, बल्कि 61 विधायक हैं।
झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन, जिसमें जेएमएम, कांग्रेस, राजद और लेफ्ट शामिल हैं, के पास 56 विधायक हैं, और राज्यसभा की दो सीटें जीतने के लिए उतने ही वोट की आवश्यकता है। जेएमएम का दावा है कि पांच और विधायक उनके संपर्क में हैं, जिससे संख्या 61 हो गई है। इसके बाद भाजपा के विधायकों को होटल में शिफ्ट किया गया। भाजपा के पास 21 विधायक हैं, और अन्य दलों के तीन विधायक भी हैं। इस प्रकार, कुल संख्या 25 हो जाती है। भाजपा समर्थित परिमल नाथवानी को जीतने के लिए 28 वोट की आवश्यकता होगी, और इसमें किसी को संदेह नहीं है कि उन्हें यह वोट मिल जाएंगे। लेकिन इससे पहले, जेएमएम और भाजपा के बीच नूरा कुश्ती चल रही है। जेएमएम अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है ताकि यदि कांग्रेस के प्रणब झा हारते हैं, तो वह कह सके कि उसने अपना काम किया, जबकि कांग्रेस और राजद एकजुट नहीं रह सके।
