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झारखंड विधानसभा में भर्ती परीक्षाओं पर हंगामा, विपक्ष ने उठाए गंभीर सवाल

झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में धांधली के मुद्दे पर जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और सीबीआई जांच की मांग की। वित्त मंत्री ने चालू वित्त वर्ष के लिए 8,399 करोड़ रुपये का पहला अनुपूरक बजट पेश किया। सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित हुई, जबकि विपक्षी विधायकों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। इस सत्र में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी चर्चा की गई।
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झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र


झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन, जेपीएससी और जेएसएससी की प्रमुख भर्ती परीक्षाओं में धांधली के मुद्दे पर जोरदार हंगामा हुआ।


विपक्षी विधायकों के तीखे विरोध और नारेबाजी के कारण प्रश्नकाल की कार्यवाही पूरी तरह प्रभावित हुई। विधानसभा अध्यक्ष ने हंगामे को देखते हुए सदन की कार्यवाही को दोपहर 12:30 बजे तक स्थगित कर दिया।


सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायक वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हो रही है। उन्होंने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी की कई परीक्षाओं में अनियमितताएं सामने आई हैं।


मरांडी ने कहा कि अभ्यर्थी भारी बारिश के बावजूद अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरकर विरोध कर रहे हैं और उन्होंने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की।


विपक्ष के इस रवैये पर संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि बजट पेश किया जाना है और इस मुद्दे पर चर्चा की सहमति बनी थी। उन्होंने कहा कि सदन को बाधित करना अनुचित है।


प्रदीप यादव ने सीबीआई जांच की मांग पर सवाल उठाते हुए कहा कि सीआईडी जांच से किसको डर है? उन्होंने कहा कि सीआईडी जांच में 20 से अधिक आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं।


शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने पूर्ववर्ती मामलों का हवाला देते हुए कहा कि पहले की जेपीएससी परीक्षाओं में भी अनियमितताओं के आरोप लगे थे।


विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि सीबीआई की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।


विपक्षी सदस्य अपनी मांगों को लेकर वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में कृषि और किसानों की समस्याओं पर चर्चा की आवश्यकता बताई।


सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद भी हंगामा जारी रहा। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने चालू वित्त वर्ष के लिए 8,399 करोड़ रुपये का पहला अनुपूरक बजट पेश किया।


वित्त मंत्री ने झारखंड में बैंकिंग परिदृश्य का प्रतिवेदन भी पेश किया। उन्होंने बताया कि राज्य के बैंकिंग क्षेत्र में ऋण वितरण में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।


कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि कृषि और संबद्ध क्षेत्रों की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका है।


उन्होंने कहा कि किसानों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।


बाद में विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को 10 अगस्त तक स्थगित कर दिया।