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टीएमसी को एक और झटका: प्रकाश बराइक का इस्तीफा

टीएमसी को एक और बड़ा झटका लगा है जब राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ने इस्तीफा दे दिया। यह घटना सुखेन्दु शेखर रॉय और सुष्मिता देव के इस्तीफे के बाद हुई है, जिससे पार्टी के सांसदों की संख्या घटकर 10 रह गई है। सूत्रों के अनुसार, अगले सप्ताह में और भी सांसद इस्तीफा दे सकते हैं। ममता बनर्जी की पार्टी के लिए यह संकट और गहरा हो सकता है, खासकर जब उनके विधायक दल में बगावत की स्थिति बन रही है। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी।
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टीएमसी को एक और झटका: प्रकाश बराइक का इस्तीफा

प्रकाश बराइक का इस्तीफा


गुरुवार को, राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ने टीएमसी से इस्तीफा देकर पार्टी को एक और बड़ा झटका दिया। इससे पहले सुखेन्दु शेखर रॉय और सुष्मिता देव ने भी पार्टी छोड़ दी थी, जिससे टीएमसी के राज्यसभा सांसदों की संख्या अब तीन हो गई है।


बराइक के इस्तीफे के बाद, राज्यसभा में टीएमसी के सांसदों की संख्या घटकर 10 रह जाएगी। सूत्रों के अनुसार, अगले सप्ताह में टीएमसी के तीन और सांसद भी इस्तीफा दे सकते हैं, जिससे ममता बनर्जी की पार्टी के लिए संकट और बढ़ सकता है।


टीएमसी को लगातार झटके

यह टीएमसी को एक ही दिन में मिला तीसरा झटका है। इससे पहले सुखेन्दु शेखर रॉय और सुष्मिता देव ने भी पार्टी से नाता तोड़ लिया था। अब प्रकाश बराइक ने भी टीएमसी का दामन छोड़ दिया है।




इंडिया ब्लॉक के नेताओं के साथ ममता बनर्जी की बैठक

टीएमसी सांसदों के बीच यह संकट तब शुरू हुआ जब ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी सुखेन्दु शेखर रॉय ने इस्तीफा दिया। इस समय, ममता बनर्जी दिल्ली में सोनिया गांधी सहित इंडिया ब्लॉक के नेताओं के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकों में भाग ले रही थीं। इन बैठकों का उद्देश्य भाजपा के खिलाफ एक राष्ट्रीय विपक्षी रणनीति तैयार करना और 2026 के विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद पार्टी के भविष्य पर चर्चा करना था।


ममता बनर्जी की स्थिति में गिरावट

ममता बनर्जी की विधायक दल पर पकड़ कमजोर होती जा रही है। उनके 80 विधायकों में से 58 बागी विधायक ऋतब्रता बनर्जी का समर्थन कर रहे हैं, और यह संख्या अब बढ़कर 64 हो गई है। ऋतब्रता, जिन्हें ममता के सहयोगियों ने उनकी नाराजगी के बावजूद बंगाल विधानसभा में विपक्ष का नेता चुना है, का दावा है कि आने वाले दिनों में और भी विधायक बागी खेमे में शामिल होंगे।